छिबरामऊ अस्पताल में बच्ची की मौत के बाद अखिलेश ने सरकार से पूछे 20 सख़्त सवाल
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। छिबरामऊ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक बच्ची की मौत के मामले पर सख़्त प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और साथ ही मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पर 20 कड़े सवालों की फेहरिस्त भी सार्वजनिक की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है और सरकार निजी अस्पतालों की लूट, सिस्टम में भ्रष्टाचार और आम जनता की उपेक्षा को लेकर आँखें मूँदे बैठी है।
छिबरामऊ की घटना ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छिबरामऊ की मासूम बेटी की मौत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई उजागर कर दी है। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर डॉक्टरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य तंत्र को लेकर उठाए अहम सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक बयान और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर निम्नलिखित सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कितने मेडिकल कॉलेज इलाज के मानकों पर खरे उतरते हैं? क्या वहाँ डॉक्टर, स्टाफ और जरूरी मेडिकल मशीनें पर्याप्त हैं?। प्राइवेट अस्पतालों पर नियंत्रण के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही वसूली पर कोई नियंत्रण क्यों नहीं ?। क्या ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह कार्यशील हैं या बंद पड़े हैं?। टेस्ट और एक्सरे के लिए मरीजों को बाहर क्यों भेजा जा रहा है?। दवा कंपनियों के दबाव में महंगी दवाएं क्यों लिखी जाती हैं?। अस्पतालों की साफ-सफाई और स्टाफ की स्थिति क्या है?। क्या कभी मेडिकल करप्शन पर खुलकर चर्चा हुई है?। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोग बाहर क्यों जा रहे हैं?। एम्स जैसी परियोजनाएँ सिर्फ कागजों तक सीमित क्यों हैं?। गाँवों में डॉक्टरों की उपस्थिति की क्या स्थिति है?। स्वयंभू डॉक्टरों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? झूठे इलाज और भ्रामक प्रचार पर रोक क्यों नहीं? । स्वास्थ्य शिक्षा को सरकार क्यों गंभीरता से नहीं ले रही?। आशा बहनों की लगातार उपेक्षा क्यों हो रही है?। एंबुलेंस सेवा की बदहाली के पीछे क्या प्राइवेट लॉबी है?।जच्चा-बच्चा देखभाल योजनाओं की स्थिति क्या है?। नकली और एक्सपायर्ड दवाओं के माफिया पर सरकार नरम क्यों?। “बीमार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा” – अखिलेश का सियासी नारा। इस पूरे बयान के अंत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक प्रभावशाली सियासी नारा दिया,“बीमार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा”, जो स्वास्थ्य के बहाने भाजपा पर करारा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
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