बरेली: दरगाह आला हजरत से जुड़े प्रमुख इस्लामी स्कॉलर और नबीरा-ए-आला हजरत हज़रत मौलाना तौसीफ रज़ा खान ने एक महत्वपूर्ण प्रेस बयान जारी कर कहा कि भारत की एकता, अखण्डता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत का हर मुसलमान अपने राष्ट्रीय नेतृत्व और देश की सेना के वीर जवानों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ नापाक ताकतें विश्व स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए दुष्प्रचार कर रही हैं। उन्होंने सख़्त लहजे में चेताते हुए कहा, “ऐसे लोग यह जान लें कि भारतीय मुसलमान देशभक्ति में किसी से पीछे नहीं हैं। चाहे देश के भीतर हों या बाहर, भारत के मुसलमान राष्ट्रहित में हमेशा एकजुट हैं।”
विदेशों में बसे भारतीय मुसलमानों से अपील,भारत के हितों को दें प्राथमिकता
मौलाना तौसीफ मियां ने विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के मुसलमानों से विशेष रूप से अपील की कि वे भारत के हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि “आप जिस भी देश में रहें, वहां भारत के खिलाफ किसी भी दुष्प्रचार का डटकर जवाब दें। अपने देश की सेना, सरकार, अखंडता और राष्ट्रीय एकता का पक्ष पूरे गर्व और साहस से रखें।”उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मरकज़े अहल- ए-सुन्नत दरगाह आला हजरत का यह स्पष्ट संदेश है कि भारत के मुसलमान देशविरोधी शक्तियों का न सिर्फ विरोध करते हैं, बल्कि भारत की अखंडता के प्रहरी भी हैं।
राष्ट्रीय एकता में इस्लामी नेतृत्व की भूमिका
इस प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया कि दरगाह आला हजरत हमेशा से धार्मिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और समाज में शांति के पक्ष में रही है। संस्थान का इतिहास इस बात का साक्षी है कि राष्ट्रहित को मज़हब से ऊपर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का मुसलमान अपने देश के लिए वफादार, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक रहा है और आगे भी रहेगा।
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