अफसर ने एमडी से की शिकायत, जूनियर इंजीनियर सस्पेंड
दे-दे प्यार दे गाने पर किया डांस
बरेली/ बुलंदशहर : बिजली विभाग में अनुशासनहीनता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक जूनियर इंजीनियर (जेई) का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह बस में सफर के दौरान अपने साथियों के साथ जमकर ठुमके लगा रहा है और एसडीओ का नाम लेकर अभद्र टिप्पणियां कर रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। शिकायत के बाद एमडी ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
बस में मनाई गई पार्टी, एसडीओ का उड़ाया मजाक
बताया जा रहा है कि 8 अप्रैल को बिजली विभाग के करीब 30 कर्मचारी बस से यूपी की राजधानी लखनऊ में हड़ताल में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने बस को ही पार्टी स्थल बना दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बस के अंदर डीजे जैसे माहौल में डांस किया जा रहा है। जेई न सिर्फ डांस कर रहा था बल्कि मजाकिया अंदाज में एसडीओ का नाम लेकर अपमानजनक टिप्पणियां भी कर रहा था। यह पूरी घटना किसी साथी ने रिकॉर्ड कर ली और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में दे दे प्यार दे गाने पर डांस किया जा रहा है। इसमें संजीव कुमार भी ठुमके लगा रहे हैं। यह महिला एसडीओ संजीव कुमार के ऑफिस में ही तैनात बताई जा रही हैं।
अफसरों में नाराजगी, एमडी ने लिया एक्शन
वीडियो वायरल होते ही विभागीय अफसरों में नाराजगी फैल गई। मामला संबंधित एसडीओ के संज्ञान में भी आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सीधे प्रबंध निदेशक (एमडी) से शिकायत कर दी। एमडी ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए अनुशासनहीनता और विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में संबंधित जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मामले की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
विभागीय छवि को नुकसान
बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह की हरकतों से विभाग की छवि धूमिल होती है। सरकारी कर्मचारी का इस तरह सार्वजनिक स्थल पर विभागीय पदाधिकारियों के खिलाफ मजाक उड़ाना और अशालीन व्यवहार करना अत्यंत निंदनीय है। विभाग में शुचिता और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, ऐसे में इस तरह के कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
जांच के बाद आगे होगी कार्रवाई
फिलहाल जेई को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। संभावना है कि दोषी पाए जाने पर जेई की सेवा समाप्ति जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
