बरेली : उत्तराखंड के डोईवाला चीनी मिल के अधिशासी निदेशक और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के बरेली स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को 240 करोड़ के भूमि अधिग्रहण घोटाले के सिलसिले में छापेमारी की। यह कार्रवाई बरेली के इंटरनेशनल सिटी टाउनशिप में स्थित उनके मकान पर की गई।
ऐसे हुई ईडी की छापेमारी
सुबह करीब 9 बजे ईडी की टीम पांच गाड़ियों में पहुंची। उस वक्त घर बंद था। टीम ने गेट का ताला और मुख्य द्वार का कुंडा तोड़कर प्रवेश किया। घर में रखे लॉकरों को क्रमवार तोड़ा गया और दस्तावेजों की छानबीन शुरू की गई। दोपहर 3 बजे तक जांच चलती रही, लेकिन मीडिया से किसी भी अधिकारी ने कुछ बताने से इनकार किया। टीम जांच के बाद दस्तावेज साथ ले गई।
जानें पूरा मामला
दिनेश प्रताप सिंह पर वर्ष 2011 से 2016 के बीच NH-74 भूमि अधिग्रहण घोटाले में कृषि भूमि को गैर-कृषि दिखाकर करोड़ों का मुआवजा हड़पने का आरोप है। यह घोटाला 240 करोड़ से अधिक का बताया गया है। उन्हें 2017 में SIT ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, बाद में हाईकोर्ट से 15 महीने बाद ज़मानत मिली।
यह है राजनीतिक कनेक्शन
दिनेश प्रताप सिंह की पत्नी अलका सिंह वर्ष 2022 में कांग्रेस की बिथरी चैनपुर सीट से प्रत्याशी रही हैं। वह पहले भाजपा में भी थीं, लेकिन टिकट न मिलने पर कांग्रेस में शामिल हुईं। चुनाव खर्च में काले धन के उपयोग और बड़ी संपत्तियों की खरीद का भी संदेह जताया जा रहा है। बताया जाता है कि दंपति की बेटी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) में पढ़ाई कर रही है। बताया जा रहा है कि बरेली स्थित यह आवास पिछले एक वर्ष से खाली पड़ा था।
