बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की नगर पालिका आंवला में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब इंडियन ऑयल के टैंकर में वेल्डिंग के दौरान जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में वेल्डिंग कर रहे युवक की मौत हो गई, जबकि टैंकर का हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
तेज धमाके ने उड़ा दी दुकान की शांति, वेल्डर की मौके पर हालत नाजुक
घटना शाम करीब 6 बजे की है, जब आंवला कस्बे में रेलवे स्टेशन रोड स्थित कान्हा गोशाला के सामने एक दुकान पर इंडियन ऑयल टैंकर में वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। वेल्डिंग के दौरान अचानक टैंकर फट गया। धमाका इतना तेज था कि वेल्डर संदेश निवासी रहटुईया गांव हवा में उछलकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। वहीं टैंकर का हेल्पर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत सीएचसी आंवला पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान वेल्डर संदेश की मौत हो गई। हेल्पर की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
एक साल में दूसरी घटना, लापरवाही की खुली पोल
यह पहली बार नहीं है, जब टैंकर में वेल्डिंग के दौरान ऐसा हादसा हुआ हो। 23 नवंबर 2024 को भी इसी तरह के एक हादसे में वेल्डर संदेश ही घायल हुआ था। तब पुलिस-प्रशासन ने बिना अनुमति के टैंकरों में वेल्डिंग पर रोक लगाने की बात कही थी, लेकिन समय के साथ ध्यान हटते ही यह अवैध कार्य फिर से शुरू हो गया।
तेल चोरी के धंधे से जुड़ी गहराई
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंवला में डिग्री कॉलेज के पास अवैध पार्किंग स्थल वर्षों से संचालित हो रहा है, जहां टैंकरों से तेल चोरी का कारोबार चलता है। कई बार यह मामला उजागर भी हुआ, लेकिन साठगांठ के चलते हर बार कार्रवाई टाल दी जाती रही। वेल्डिंग के नाम पर टैंकरों में छेड़छाड़ की जाती है, जो हादसों की वजह बन रही है।
प्रशासन सख्त, जांच कमेटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में फायर सर्विस और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त जांच कमेटी गठित कर दी है। डीएम ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में डर का माहौल, नागरिकों में आक्रोश
धमाके के बाद आसपास के क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टैंकरों की अवैध पार्किंग और तेल चोरी जैसे खतरनाक कार्यों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही वेल्डिंग जैसे कार्यों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।
