लखनऊ/झांसी/चिरगांव : आज के जमाने में जहां शादियों में महंगी गाड़ियां, लग्ज़री कारें और शोऑफ का चलन है, तो वहीं झांसी के एक इंजीनियर दूल्हे ने परंपरा और मिट्टी से जुड़ाव दिखाते हुए अपनी दुल्हन की विदाई फूलों से सजी बैलगाड़ी से कराकर सबका दिल जीत लिया। इस अनोखी विदाई की पूरे गांव में चर्चा है, और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।
इंजीनियर दूल्हा और शिक्षिका दुल्हन की जोड़ी

चिरगांव के जरियाई गांव निवासी अभिजीत विश्वकर्मा, जो एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं। उनकी शादी बुधवार को बबली नाम की शिक्षिका से हुई, जो एक निजी विद्यालय में पढ़ाती हैं। कस्बे के एक मैरिज हॉल में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ, लेकिन जो बात इस शादी को खास बनाती है। वह है बुधवार को दुल्हन की विदाई का दृश्य।
बैलगाड़ी से विदाई देखकर लोग हैरान
जब विदाई का समय आया, तो सब लोग यह सोच रहे थे कि दूल्हा किसी गाड़ी या बोलेरो से दुल्हन को विदा कराएगा, लेकिन वहां मौजूद सभी लोग तब चौंक गए जब दूल्हा बैलगाड़ी लेकर विदाई स्थल पर पहुंचा। यह कोई साधारण बैलगाड़ी नहीं थी, बल्कि फूलों और रंग-बिरंगे कपड़ों से सजी हुई पारंपरिक बैलगाड़ी थी।
“बैलगाड़ी हमारी पहचान है” – अभिजीत

दूल्हे अभिजीत ने बताया कि वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके लिए बैलगाड़ी सिर्फ एक सवारी नहीं, बल्कि संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं एक किसान परिवार से हूं। बैलगाड़ी हमारी पहचान रही है और मैं चाहता हूं कि लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहें।”
परिवार भी बेटे के फैसले से खुश
अभिजीत के पिता ने बेटे की सोच पर गर्व जताते हुए कहा, “पहले बैल और हल को देवता माना जाता था। आज लोग मशीनी युग में इन परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। बेटे ने यह संदेश देकर हम सभी को गौरव की अनुभूति कराई है।”
गांव में बनी मिसाल, सोशल मीडिया पर वायरल
इस अनोखी विदाई ने जरियाई गांव से लेकर झांसी शहर तक लोगों को प्रभावित किया है। गांव के लोग इस अंदाज को ‘संस्कार और परंपरा का सुंदर मेल’ बता रहे हैं। कई लोगों ने इस विदाई का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
