लखनऊ, एजेंसी : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बैसाखी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। दोनों अवसरों पर जारी अपने संदेशों में उन्होंने सामाजिक एकता, समृद्धि, और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
बैसाखी किसानों, शहीदों और भाईचारे को समर्पित पर्व
बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह सिख नववर्ष का प्रतीक है और गुरु गोविंद सिंह जी के 1699 में खालसा पंथ की स्थापना के ऐतिहासिक दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने इस पर्व को कृषि और किसान से गहराई से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा, “बैसाखी के दिन हम उन अमर शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। जिन्होंने जलियांवाला बाग में ब्रिटिश शासन की बर्बरता का शिकार होकर अपना बलिदान दिया। यह पर्व सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि संघर्ष, बलिदान और एकता का प्रतीक है।”
अंबेडकर जयंती: संविधान और सामाजिक समता की प्रेरणा
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अपने संदेश में सपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहब ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां कोई भेदभाव न हो, सबको समान अधिकार और सम्मान मिले। उन्होंने कहा, “आज जब देश सामाजिक चुनौतियों से गुजर रहा है, तो बाबा साहब के विचार और उनका बनाया संविधान अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। केवल संविधान से ही लोकतंत्र और सामाजिक भाईचारा सुरक्षित रह सकता है।”
“समाजवादी पार्टी बाबा साहब के विचारों के प्रति समर्पित”
सपा प्रमुख ने यह भी दोहराया कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम जातीय और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष करते रहेंगे, और गरीब, वंचित, पिछड़े और दलित समाज की आवाज को और मजबूती से उठाते रहेंगे।”
