स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में, सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने की पुष्टि, युवती अस्पताल में भर्ती, बाकी तीन होम आइसोलेशन में
लखनऊ/गाजियाबाद : यूपी के गाजियाबाद जिले में एक बार फिर कोरोना वायरस की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है। जिले में बीते कुछ महीनों से कोरोना संक्रमण के मामले लगभग न के बराबर हो गए थे, लेकिन अब नए मामलों ने सभी को सतर्क कर दिया है। गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर अखिलेश मोहन ने जानकारी दी कि इन चार संक्रमितों में एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 से 71 वर्ष के बीच है। 18 वर्षीय युवती यशोदा अस्पताल, कौशांबी में भर्ती है और चिकित्सकीय निगरानी में है। 37 वर्षीय महिला होम आइसोलेशन में रखी गई हैं, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। 71 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय महिला (दंपति) ये दोनों हाल ही में बेंगलुरु से गाजियाबाद लौटे हैं और वसुंधरा क्षेत्र के निवासी हैं। इन्हें भी होम आइसोलेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क, टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू

सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन के अनुसार, जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है और टेस्टिंग की गति बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है।
फिर जरूरी हुआ कोविड अनुरूप व्यवहार
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर आरके गुप्ता ने बताया कि विभाग की ओर से लोगों से एक बार फिर अपील की जा रही है कि वे कोरोना को लेकर लापरवाही न बरतें। मास्क का इस्तेमाल करें। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें। डॉ. मोहन ने कहा, “हम नहीं कह सकते कि महामारी पूरी तरह खत्म हो गई है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।”
पूर्व चेतावनी या नया खतरा?
हालांकि मामलों की संख्या अभी कम है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आने वाली लहर का संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय रहते सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को फिर से अपनाना आवश्यक हो गया है।
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