महाराजगंज/लखनऊ : यूपी के महाराजगंज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कार गूगल मैप के निर्देशों पर चलते हुए एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर जा पहुँची। फ्लाईओवर पर रास्ता अधूरा था, लेकिन ड्राइवर को इसका अंदाज़ा नहीं था। नतीजा यह हुआ कि कार पुल के अंतिम छोर पर जाकर लटक गई। गनीमत रही कि कार नीचे नहीं गिरी, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
ड्राइवर ने किया मोबाइल मैप पर भरोसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज़ रफ्तार में थी और ड्राइवर मोबाइल मैप की दिशा-निर्देशों पर भरोसा कर रहा था। फ्लाईओवर पर कोई चेतावनी संकेत या बेरिकेट नहीं लगा था। जिससे ड्राइवर को अंदाज़ा नहीं हो पाया कि पुल अधूरा है। कार के आगे का हिस्सा पुल से बाहर निकल गया था, लेकिन अचानक ब्रेक लगाने से कार वहीं लटक गई।
भीड़ ने ड्राइवर को बचाया
मौके पर भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत ड्राइवर और अन्य सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद में पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को नीचे उतारा गया। इस घटना ने निर्माण एजेंसियों और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब फ्लाईओवर अधूरा था, तो वहाँ बैरिकेड्स और चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए?
जानें क्या बोले अफसर
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि निर्माण एजेंसी को चेतावनी संकेत लगाने के निर्देश दिए गए थे, और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में तीन दोस्तों की गई थी जान
यूपी के बरेली में गूगल मैप के सहारे तीन दोस्त शादी से लौट कर नोएडा जा रहे थे। उनकी कार बरेली बदायूं के बीच एक अधूरे पुल से नदी में गिर गई थी। इसमें तीन दोस्तों की जान चली गई थी। जिसके चलते निर्माण विभाग के इंजीनियरों पर कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा पीलीभीत में एक कार नहर में गिरी थी।
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