अहमदाबाद/लखनऊ : एयर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान की वजह क्या थी ?। इसका जवाब अब सामने आ सकता है। क्योंकि, इस भयावह हादसे के ब्लैक बॉक्स की लोकेशन मिल गई है। चौंकाने वाली बात ये है कि ब्लैक बॉक्स शहर के बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हॉस्टल की छत पर मिला है। हादसे के बाद से ही इसकी तलाश जारी थी।
जानें क्या है ब्लैक बॉक्स
ब्लैक बॉक्स, जिसे तकनीकी भाषा में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) कहा जाता है। विमान से जुड़ी हर सेकंड की जानकारी रिकॉर्ड करता है, जैसे कि पायलट की आवाज़, तकनीकी अलर्ट्स, इंजन डेटा और क्रैश से पहले के अंतिम क्षणों की पूरी तस्वीर। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण से यह साफ हो पाएगा कि आखिर इस भयानक हादसे की असली वजह क्या रही। तकनीकी खराबी, पायलट की गलती या फिर कोई और कारण।
बेहद महत्वपूर्ण यंत्र ब्लैक बॉक्स
यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण यंत्र होता है, जो किसी भी हवाई जहाज़ (या बड़े जहाज़) में लगाया जाता है। इसका वास्तविक नाम होता है। FDR (Flight Data Recorder) और CVR (Cockpit Voice Recorder) यह दो भागों में बंटा होता है, लेकिन आम बोलचाल में दोनों को ही मिलाकर ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। यह फ्लाइट डेटा रिकॉर्ड करता है। विमान के टेकऑफ़ से लेकर क्रैश तक की हर टेक्निकल जानकारी, जैसे स्पीड, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, दिशा, कंट्रोल मूवमेंट, रिकॉर्ड की जाती है।
कॉकपिट की बातचीत रिकॉर्ड
यह पायलट और को-पायलट के बीच होने वाली बातचीत, अलार्म, ऑडियो संकेत, और बैकग्राउंड की आवाज़ें रिकॉर्ड होती हैं। हादसे की असली वजह पता लगाने में मदद करता है। ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण करके यह पता लगाया जाता है कि विमान में तकनीकी खराबी थी या मानवीय गलती। यह बहुत मजबूत और आग/पानी प्रतिरोधी होता है। 1100 डिग्री सेल्सियस तक की आग और समुद्र की गहराई में 30 दिनों तक टिक सकता है। इसमें लगी होती है एक बीकन (लोकेटर), जो क्रैश के बाद सिग्नल भेजती है, ताकि उसे खोजा जा सके।
ब्लैक बॉक्स काला क्यों नहीं होता ?
असल में ब्लैक बॉक्स नारंगी रंग का होता है, ताकि हादसे के बाद मलबे में इसे आसानी से खोजा जा सके। लेकिन इसका नाम पुरानी परंपरा के अनुसार “ब्लैक बॉक्स” ही रह गया। फिलहाल, जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित स्थान पर भेजकर डेटा रिट्रीव करने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। देशभर की नज़रें अब इसी डेटा पर टिकी हैं।
हादसे में 265 शव बरामद
देश को झकझोर देने वाले एयर इंडिया विमान हादसे में अब तक 265 शवों को बरामद किया जा चुका है। यह दुर्घटना अहमदाबाद शहर के पास एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में गुरुवार दोपहर हुई थी। जिसने स्थानीय निवासियों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सभी को स्तब्ध कर दिया है। एनडीआरएफ, दमकल विभाग और मेडिकल स्टाफ लगातार मौके पर मौजूद हैं, और बचाव कार्य दिन-रात जारी है। घटनास्थल पर भारी मलबा है। जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है। अधिकारियों का मानना है कि अभी भी कुछ शव मलबे के नीचे हो सकते हैं।
परिजनों की करुण पुकार, डीएनए टेस्ट से हो रही पहचान
हादसे के बाद की स्थिति अत्यंत भयावह है। कई शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान संभव नहीं हो पा रही, जिसके कारण डीएनए जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। परिजन घटनास्थल और अस्पतालों में अपने प्रियजनों की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।
