लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी, सशक्तता और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि “हमारी सेना देश की असली ताकत है और हमें उस पर गर्व है।”
मिलिट्री स्कूलों की बढ़ती ज़रूरत पर दिया ज़ोर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर के ऐतिहासिक योगदान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि “देश की स्वतंत्रता से लेकर आज तक इस संस्था ने देश को वीर और अनुशासित नागरिक दिए हैं।” उन्होंने इस परंपरा को उत्तर प्रदेश में भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देशभक्तों की गौरवशाली परंपरा को देखते हुए राज्य के लखनऊ, सहारनपुर, कन्नौज, इटावा, वाराणसी और संत कबीरनगर जिलों में नए मिलिट्री स्कूलों की स्थापना की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वर्तमान सामरिक हालात को देखते हुए इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल से जुड़ी भावनाएं

पूर्व सीएम ने यह भी साझा किया कि वे स्वयं राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर के छात्र रहे हैं। उन्होंने स्कूल के आदर्श वाक्य “शीलम परम भूषणम्” का उल्लेख करते हुए कहा, “यही वह आदर्श हैं। जिसने हमें देशभक्ति, अनुशासन और पराक्रम की शिक्षा दी।” उन्होंने कहा कि यह संस्थान वर्षों से राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाले योद्धाओं का निर्माण करता आया है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिन प्रमुख नेताओं की मौजूदगी उल्लेखनीय रही। इसमें राजेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायकगण समर पाल सिंह, हिमांशु यादव, तसलीम अहमद, पूर्व सांसद: डॉ. एस.टी. हसन, अरविन्द सिंह,पूर्व एमएलसी डॉ. मधु गुप्ता, श्री रामवृक्ष यादव, जावेद आब्दी, सलामतुल्ला
