बरेली : यूपी के बरेली में रविवार को दो अलग-अलग हादसों में 3 युवकों की मौत हो गई. जिससे न केवल उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा, तो वहीं निर्माण विभाग की लापरवाही सामने आई है। पीलीभीत जिले में स्थित एक दरगाह (धार्मिक यात्रा) से लौटते वक्त नहर में नहाने के दौरान डूबने से दो दोस्तों (ज़ायरीन) की मौत हो गई, तो वहीं दूसरी ओर एक युवक की जान सड़क किनारे अधूरी खुदाई के चलते बने खतरनाक गड्ढे में गिरकर चली गई। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू करदी है।
पीलीभीत की हरदोई ब्रांच नहर में डूबे दोस्त
यूपी के पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र से गुजरने वाली नहर में मंजूर अहमद (42 वर्ष) और अनीस अहमद (47वर्ष) निवासी रोधी थाना सुभाषनगर, बरेली के थे। यह दोनों पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सेल्हा बाबा की दरगाह से लौट रहे थे। इसी दौरान हरदोई ब्रांच नहर में नहाने उतर गए, लेकिन नहर में पानी के तेज बहाव में डूब गए। यह नहर तेज बहाव के लिए जानी जाती है। वहां मौजूद लोगों के अनुसार, दोनों को तैरना आता था और शुरुआत में वे सामान्य रूप से नहा रहे थे। लेकिन जैसे ही वे नहर के ‘झाल क्षेत्र’ (जहाँ पानी का बहाव तेज होता है) में पहुँचे। वहां पानी के दबाव में नियंत्रण खो बैठे और डूबने लगे।
जानें क्या बोले साथी
मृतक के दोस्त मेहंदी हसन ने बताया कि शोर मचाने के बाद भी कोई मदद को नहीं आया। मंजूर को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अनीस का शव करीब एक घंटे बाद गोताखोरों की मदद से बरामद किया गया। थाना प्रभारी अशोक पाल ने दोनों की मौत की पुष्टि कर बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और संबंधित विधिक प्रक्रिया चल रही है।
बरेली में अधूरी सड़क खुदाई बनी जानलेवा, बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत
मृतक प्रदीप देव निवासी प्रेम गोटिया गौतारा थाना फतेहगंज पश्चिमी की भी हादसे में मौत हो गई। 22 वर्षीय प्रदीप अपनी बाइक से जाने के दौरान अधूरे सड़क निर्माण के दौरान एक खुले गड्ढे में बाइक से गिर गया। यहगड्ढा पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क की खुदाई के बाद अधूरा छोड़ा गया था। स्थानीय निवासियों के अनुसार न तो वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी। ग्रामीणों में इस दुर्घटना को लेकर भारी रोष है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि अधूरी निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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