लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की आज औपचारिक शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन विधानसभा में घोसी से विधायक रहे सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। सदन के सभी सदस्यों ने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, विधान परिषद की कार्यवाही निर्धारित एजेंडे के अनुसार जारी रही।
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कफ सिरप मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में जिन लोगों को अब तक पकड़ा गया है, उनके संबंध सपा से जुड़े पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने एक शेर के जरिए विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “उम्र भर यही गलती बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आइना साफ करता रहा।” उन्होंने कहा कि यदि यह मामला विधान परिषद में उठेगा, तो सरकार पूरी मजबूती के साथ जवाब देगी।
इधर, सत्र के पहले ही दिन विधानसभा परिसर में सियासी गर्माहट देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक बृजेश यादव साइकिल में कोडीन कफ सिरप का डिब्बा बांधकर विधानसभा पहुंचे। उस डिब्बे पर लिखा था,“जादुई सिरफ, पीने वाला मर जाता है, बेचने वाला दौलतमंद हो जाता है, सत्ता का संरक्षण पाता है और फिर विदेश निकल जाता है।” इस प्रदर्शन के जरिए सपा ने सरकार पर नशे के अवैध कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। वहीं, सपा विधायक मुकेश वर्मा पोस्टर पहनकर सदन पहुंचे। पोस्टर पर लिखा था,“सिरप कांड में बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। इनके घर कब बुलडोजर जाएगा? जहर का धंधा बंद किया जाए।” विपक्ष के इन प्रदर्शनों के चलते सदन परिसर में राजनीतिक हलचल बनी रही।
बताया गया है कि सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2025-26 का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश करेंगे। इसके अलावा, लगभग चार घंटे तक ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा प्रस्तावित है। सत्र के दौरान SIR, कोडीन कफ सिरप सहित कई अहम मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सरकार से सवाल करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 और 24 दिसंबर को विधानसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। आने वाले दिनों में शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव के आसार साफ नजर आ रहे हैं।
