मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में करेंगे पूजा-अर्चना, बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
उत्तर प्रदेश: प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिठूर पहुंचेंगे, जहां वह वाल्मीकि आश्रम में रामायण पाठ और पूजा-अर्चना में शामिल होकर महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करेंगे।
वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना करेंगे मुख्यमंत्री
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी और माता सीता को आश्रय मिला था। इसी स्थान पर भगवान श्रीराम के पुत्रों लव और कुश का जन्म भी माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करेंगे। वाल्मीकि समुदाय महर्षि वाल्मीकि की जयंती को ‘प्रकट दिवस’ के रूप में मनाता है। इस अवसर पर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ उनकी विरासत को याद किया जाएगा।
रामायण सर्किट और राम वन-गमन पथ के तहत विकास पर जोर
प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उनसे जुड़े पौराणिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर काम कर रही है। इसी क्रम में ‘रामायण सर्किट’ और ‘राम वन-गमन पथ’ के अंतर्गत अयोध्या, चित्रकूट और इटावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। पर्यटन विभाग का जोर महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर है। सरकार इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक विरासत को सहेजने के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताई सरकार की योजना
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में रामायण से जुड़े अनेक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश सरकार ‘रामायण सर्किट’ और ‘राम वन-गमन पथ’ के माध्यम से इन स्थलों के संरक्षण, विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। चित्रकूट में किए जा रहे कार्य इस दिशा में उदाहरण हैं।
