गोरखपुर के राजघाट निर्माण को लेकर बोले -कमीशनखोरी से हुई दुर्गति,काशी के जलभराव पर भी साधा निशाना, बलिया की छात्रा रागिनी की मदद का ऐलान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को भाजपा सरकार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। गोरखपुर के राजघाट निर्माण को लेकर उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि निर्माण की दुर्गति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और गैरजिम्मेदार बयानबाजी पर कार्रवाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राजघाट निर्माण के लिए जारी धनराशि में सिंचाई विभाग ने भाजपाइयों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में सांसद, विधायक और मेयर के साथ मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से हैं, फिर भी निर्माण की स्थिति खराब है।
‘प्रेस वार्ता’ पर अखिलेश का तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ताओं को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारों को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है और केवल बयान दिया जाना है तो ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सवालों की भरमार है, लेकिन सरकार के पास जवाब नहीं हैं।
काशी के जलभराव पर भी हमला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए काशी में जलभराव को लेकर भी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि विदेशी पर्यटकों के सामने काशी का विकास जलमग्न नजर आया। साथ ही उन्होंने काशी, गोरखपुर और लखनऊ से जुड़े विकास के दावों पर कटाक्ष करते हुए सरकार को घेरा।
बलिया की छात्रा रागिनी की मदद
इसी बीच अखिलेश यादव से बलिया की कक्षा एक की छात्रा रागिनी राजभर ने मुलाकात की। सपा के मुताबिक दुर्घटना में पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद रागिनी रोजाना स्कूल जाती थी।अखिलेश यादव ने उसके इलाज के लिए चिकित्सकीय सहायता के साथ 2 लाख रुपये की मदद दी और उसकी पढ़ाई बांसडीह स्थित बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि रागिनी की पढ़ने की ललक को देखते हुए उसकी पढ़ाई में पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी अपने घोषणापत्र में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा को शामिल करेगी।
विदेश नीति पर कही ये बात
अखिलेश यादव ने विदेश नीति को लेकर कहा कि जिस देश के ज्यादा मित्र होंगे, उसकी फॉरेन पॉलिसी बेहतर होगी। उन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक स्तर पर मित्र देशों की भूमिका को लेकर यह टिप्पणी की।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
