पौड़ी गढ़वाल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले पहुंचे और यहां अपनी बड़ी बहन कौशल्या देवी को सांत्वना दी। उन्होंने बहनोई ओम प्रकाश सिंह रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया। ओम प्रकाश रावत, कोटद्वार के गाड़ी घाट, सिद्धबली रोड निवासी थे और आर्मी में ऑफिस लाइन (MT) से रिटायर्ड थे। उनके तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा, सभी विवाहित हैं। वे 2 दिसंबर को जॉली ग्रांट हॉस्पिटल में निधन हो गए थे। अंतिम संस्कार के समय मुख्यमंत्री योगी उपस्थित नहीं हो पाए थे।
इस साल यह दूसरी बार है जब मुख्यमंत्री योगी अपनी बहन से मिले। इससे पहले 6 और 7 फरवरी को अपने पैतृक गांव पंचूर में आयोजित शादी समारोह के दौरान वे अपनी बहन से मिले थे। इस अवसर पर योगी ने सिद्धबली बाबा के दर्शन भी किए और मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 2 बजकर लगभग 35 मिनट पर अलीगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए कोटद्वार के ग्रास्टनगंज हेलिपेड पर उतरे। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद उनका काफिला सिद्धबली बाबा मंदिर की ओर बढ़ा। वहां उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और देवताओं का आह्वान किया। मंदिर परिसर में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक अनुष्ठान का यह अंतिम दिन था, जिसमें एकादश कुंडीय यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। योगी ने जागर में उपस्थित भक्तों के साथ देवताओं की उपासना की।
जागर संपन्न होने के बाद सवामन रोट का भोग लगाया गया और इसे प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। इस दौरान कई पुरुष और महिलाएं जागर के प्रभाव में नाचते हुए दिखाई दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी अपनी बड़ी बहन कौशल्या देवी के घर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर पौड़ी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। सीएम के मंदिर प्रांगण में पहुंचने से पहले कुछ क्षेत्रों को खाली कराते हुए सुरक्षा घेरा बनाया गया। गाड़ीघाट क्षेत्र में मार्ग डायवर्ट किए गए और कई जगह अवरोधक रखे गए ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। योगी आदित्यनाथ का स्वागत लैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत ने किया, जिन्होंने उन्हें बाबा के दर्शन के लिए मंदिर तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मूल रूप से पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार गांव में ही निवास करता है। उनकी मां सावित्री देवी गृहिणी हैं और उनके कुल चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उनके पिता आनंद बिष्ट का 2020 में 89 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। उस समय कोविड प्रोटोकॉल के कारण मुख्यमंत्री अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे। साल पहले मुख्यमंत्री योगी अपनी मां से मिलने पहुंचे थे, जो ऋषिकेश एम्स में आंखों की समस्या के चलते भर्ती थीं। उनकी बहन शशि देवी कोठार गांव में चाय की दुकान चलाती हैं, जो गांव पंचूर से लगभग 50 किलोमीटर दूर पहाड़ों पर स्थित है।
