शाहजहांपुर : निगोही थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हड़कंप मचा दिया। लिपुलेख-भिंड हाईवे पर बुधवार दोपहर करीब दो बजे एक स्कूल बस सामने से आ रही सीमेंट से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। इस हादसे में चार बच्चों समेत कुल 21 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार हुई बस निगोही क्षेत्र के सुभद्रा देवी महेश चंद्र कन्या इंटर कॉलेज की थी। स्कूल बस रोज की तरह छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को लेकर जा रही थी। बताया जा रहा है कि बस जैसे ही भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा के कार्यालय के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही सीमेंट से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर क्षमता से अधिक सीमेंट लदा हुआ था, जिसके चलते वाहन संतुलन में नहीं था। टक्कर इतनी तेज थी कि बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद बस में बैठे बच्चों और शिक्षकों में चीख-पुकार मच गई। कई बच्चे बस के अंदर फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।
घायलों में तीन छात्र और एक छात्रा के अलावा कई शिक्षक और अन्य यात्री शामिल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही निगोही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश घायलों को हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं, हालांकि फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को कहा। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों को सभी घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे के बाद एक बार फिर ओवरलोड वाहनों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर अक्सर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में दौड़ती नजर आती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों ने मांग की है कि ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि घायल बच्चों और शिक्षकों के परिवार अस्पताल पहुंचकर अपने परिजनों का हाल जानने में जुटे हुए हैं।
