क्या सपा में बढ़ गई अंदरूनी कलह? कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक पद से दिया इस्तीफा, जानिए विवाद की पूरी कहानी
मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा से विवाद के बीच कमाल अख्तर का बड़ा फैसला, अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद भी नहीं थमा मामला
लखनऊ/मुरादाबाद : समाजवादी पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी कलह की चर्चा तेज हो गई है। मुरादाबाद के विधायक कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस्तीफे की वजह पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अखिलेश यादव ने बुलाई थी बैठक
विवाद को सुलझाने के लिए हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों पक्षों के साथ बैठक की थी। बैठक में सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, कमाल अख्तर और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे। माना जा रहा था कि विवाद खत्म हो गया है, लेकिन कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद राजनीतिक चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर क्या बोले कमाल अख्तर?
इस्तीफे के बाद कमाल अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि,
“माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है तथा आगे भी जो भी आदेश मिलेगा, उसका सदैव पालन करता रहूंगा।”
उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
कमाल अख्तर और रुचि वीरा के बीच मतभेद की चर्चा 2024 लोकसभा चुनाव के समय से ही चल रही थी। हालांकि मामला सार्वजनिक तब हुआ, जब 14 जून को मुरादाबाद में आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मान सम्मेलन में सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किया गया और कार्यक्रम के पोस्टर में भी उनकी तस्वीर नहीं लगाई गई। इसके बाद विवाद खुलकर सामने आ गया।
लोकसभा टिकट बना विवाद की बड़ी वजह
सूत्रों के अनुसार, कमाल अख्तर 2024 में मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। बताया जाता है कि उन्हें समाजवादी पार्टी का सिंबल भी मिल गया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने टिकट बदलकर रुचि वीरा को उम्मीदवार बना दिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती चली गई।
2024 में मिली थी मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में मनोज कुमार पांडे के मुख्य सचेतक पद छोड़ने के बाद समाजवादी पार्टी ने कमाल अख्तर को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार
कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर समाजवादी पार्टी नेतृत्व पर है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस्तीफा स्वीकार करने या आगे की रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह घटनाक्रम सपा की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
