तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट, लखीमपुर खीरी में भी बारिश से लोगों और किसानों के चेहरे खिले
बरेली: भीषण गर्मी और उमस से परेशान बरेली, पीलीभीत, बदायूं, और शाहजहांपुर के लोगों को मंगलवार को बड़ी राहत मिली।बरेली समेत रुहेलखंड में प्री -मानसून ने दस्तक देते हुए तड़के करीब चार बजे से रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो सुबह करीब दस बजे तक रुक-रुककर जारी रही। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले एक सप्ताह से बरेली में गर्मी लगातार लोगों को बेहाल कर रही थी। दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था। सोमवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब 2.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
सुबह से बरसे बादल, मौसम हुआ सुहाना

सोमवार देर रात मौसम ने करवट ली और तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद मंगलवार तड़के आसमान में घने बादल छा गए और हल्की बारिश शुरू हो गई। सुबह तक रुक-रुककर हुई बारिश ने वातावरण को ठंडा कर दिया। सड़कों पर गर्मी का असर कम दिखा और लोगों ने लंबे समय बाद राहतभरे मौसम का आनंद लिया।
अगले तीन दिन बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने बरेली समेत आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिनों तक बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सप्ताहभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की अतिरिक्त गिरावट संभव है।
लखीमपुर खीरी में भी बदला मौसम का मिजाज

लखीमपुर खीरी में भी मंगलवार सुबह लंबे इंतजार के बाद बारिश हुई। कई दिनों से जिले में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, जिससे लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे। सुबह घने बादल छाने के बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ देर में बारिश में बदल गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। लोगों ने घरों से निकलकर राहत महसूस की, जबकि किसानों ने इसे खरीफ फसलों की बुवाई और खेतों की नमी के लिए लाभदायक बताया।
गर्मी से राहत, लेकिन सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून की यह सक्रियता आने वाले दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल संकेत मानी जा रही है।
