दरगाह आला हजरत से गरीबों की मदद और फितरा समय पर देने की सलाह
बरेली : पाक माह रमज़ान के दूसरे जुमे और नौवें रोज़े के मौके पर बरेली शहर की प्रमुख मस्जिदों और दरगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। शहर की किला स्थित शाही जामा मस्जिद में दोपहर 1:30 बजे शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम की इमामत में जुमे की मुख्य नमाज़ अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में नमाज़ी शामिल हुए। दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह प्रमुख सुब्हान रज़ा खां (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां सहित खानदान के बुजुर्गों ने रज़ा मस्जिद में दोपहर 3 बजे नमाज़ अदा की। नमाज़ से पहले मुफ्ती जईम रजा ने ख़ुत्बा पेश किया और बाद में खास दुआ कराई गई
शरई मालदार मुसलमानों पर जकात फर्ज
नमाज़-ए-जुमा के बाद मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि इस्लाम के पांच स्तंभों में ज़कात अहम इबादत है, और शरई मालदार मुसलमानों पर यह फ़र्ज़ है। उन्होंने अपील की कि ज़कात और सदक़ा-ए-फितर की रकम जल्द अदा की जाए, ताकि जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। शहर के पुराना शहर, किला, जखीरा, जसौली, बाकरगंज, हुसैनबाग और आज़म नगर समेत कई इलाकों की मस्जिदों में भी बड़ी तादाद में नमाज़ अदा की गई।
मुल्क के अमन को दुआएं
दरगाह ताजुश्शरिया, खानकाह -ए-नियाज़िया और अन्य प्रमुख दरगाहों में भी अकीदतमंदों ने इबादत कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। रमज़ान के इस मुक़द्दस महीने में उलेमा ने रोज़ा, नमाज़, कुरआन और ज़कात की अहमियत पर रोशनी डालते हुए जरूरतमंदों की मदद करने की खास ताकीद की।
