नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक दौरे पर मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंच गए हैं, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने किया। हवाई अड्डे पर स्वयं पीएम अनवर इब्राहिम की मौजूदगी ने इस दौरे को खास बना दिया। स्वागत के बाद दोनों नेताओं की मुलाकात और साझा तस्वीरों ने भारत-मलयेशिया संबंधों की मजबूती का संदेश दिया है।
कुआलालंपुर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्वागत से जुड़ी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि हवाई अड्डे पर अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत के लिए वह अत्यंत आभारी हैं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए सार्थक बैठकें और चर्चाएं होंगी।
प्रधानमंत्री ने भारत और मलयेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश साझा मूल्यों, सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों से लोगों के रिश्तों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगा और भविष्य के सहयोग के लिए ठोस दिशा तय करेगा।
एयरपोर्ट से निकलते समय प्रधानमंत्री मोदी और पीएम अनवर इब्राहिम एक ही कार में सवार नजर आए। इस दौरान ली गई तस्वीर को प्रधानमंत्री मोदी ने साझा करते हुए लिखा कि भारत और मलयेशिया की जनता के बीच संबंधों का जश्न मनाया जा रहा है और दोनों नेता एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं। इस तस्वीर को कूटनीति में बढ़ती व्यक्तिगत गर्मजोशी और आपसी भरोसे के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह ‘कार डिप्लोमेसी’ पहले भी चर्चा में रही है। इससे पहले वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ भी एक ही कार में नजर आ चुके हैं। ऐसे क्षणों को औपचारिक कूटनीति से आगे बढ़कर व्यक्तिगत रिश्तों की मजबूती का संकेत माना जाता है।
अपने मलयेशिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी प्रवासी भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में भारत की विकास यात्रा, वैश्विक भूमिका और प्रवासी भारतीयों के योगदान पर चर्चा होगी। इसके अलावा व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत होने की संभावना है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा न केवल भारत-मलयेशिया के कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने वाला माना जा रहा है, बल्कि यह दोनों देशों की जनता के बीच भरोसे और मित्रता को भी नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम है।
