लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन–2025 के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को समापन अवसर पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। विशेष रूप से सोशल मीडिया और साइबर अपराध को आज की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और खुफिया तंत्र को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था, जातीय और धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने डीपफेक, डार्क वेब, फर्जी अकाउंट, संगठित दुष्प्रचार और आतंकी नेटवर्क जैसे खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे आपत्तिजनक पोस्ट, फेक प्रोफाइल और सुनियोजित अभियानों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जाति या धर्म के नाम पर समाज को बांटने, पुलिस पर दबाव बनाने या अराजकता फैलाने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए-नए संगठन बनाकर प्रदेश में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि धर्मांतरण के प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस और इंटेलिजेंस तंत्र को निर्देश दिए कि धार्मिक कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए और सोशल मीडिया के माध्यम से इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी ढंग से रोका जाए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।
सीमा सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक तंत्र पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से सटी सीमाओं के जरिए आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी के नए आयाम सामने आ रहे हैं। इनसे निपटने के लिए सीमा निगरानी को तकनीकी रूप से और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मांतरण रैकेट’ पर लगाम लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की अब तक की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इसे और अधिक निर्णायक बनाने की जरूरत है। उन्होंने रियल-टाइम सूचना साझा करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और अपराधी नेटवर्क का मनोबल तोड़ने पर जोर दिया। गो-तस्करी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड पर प्रहार किया जाए, ताकि संगठित अपराध पर प्रभावी रोक लग सके।
‘पुलिस मंथन’ कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स, विशाल जनसमूह प्रबंधन, खुफिया तंत्र और उभरती चुनौतियां, नेपाल सीमा से जुड़ी सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियान, नशीले पदार्थों की तस्करी, गो-तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को तकनीक, इंटेलिजेंस और जनसहयोग के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।
