कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री की 24वीं किस्त वितरण का हुआ सीधा प्रसारण, किसानों को मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और फसल सुरक्षा की दी गई जानकारी
बरेली: भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के कृषि विज्ञान केंद्र, बरेली की ओर से पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के बनासकांठा से पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी किए जाने का सीधा प्रसारण किसानों को दिखाया गया। संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और कृषि विविधीकरण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कुल 121 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 13 महिलाएं शामिल रहीं।
खाद-उर्वरक प्रबंधन और फसल सुरक्षा की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह तेतरवाल ने किसानों का स्वागत किया। उन्होंने फसलों में खाद एवं उर्वरक के संतुलित प्रबंधन की जानकारी देते हुए फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि विविधीकरण के जरिए किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। जनपद के उपनिदेशक कृषि ओमप्रकाश मिश्रा ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए अपील की कि सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले कृषि निवेशों का लाभ उठाने के लिए किसान कृषि विभाग में अपना पंजीकरण जरूर कराएं।
मृदा और जल संरक्षण के साथ पशुओं के स्वास्थ्य पर जोर
केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधारने और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और पानी के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया। वहीं, डॉ. शार्दुल विक्रम लाल ने पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया। उन्होंने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने और बीमार होने पर उचित चिकित्सा उपलब्ध कराने की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा विभाग के वैज्ञानिक डॉ. मदन सिंह, डॉ. श्रुति और डॉ. रेड्डी भी मौजूद रहे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान खेती और कृषि कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 किसानों को सम्मानित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही। कुल 121 किसानों में 13 महिला किसान भी शामिल हुईं। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ खेती को बेहतर, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए जागरूक करना रहा।
