न्यूरिया क्षेत्र के दो बेरोजगार युवकों से नौकरी लगवाने के नाम पर लिए रुपये, एक लाख और मांगने का आरोप; दस्तावेज वापस मांगने पर धमकाने की शिकायत
पीलीभीत: सरकारी नौकरी पाने की चाह में दो बेरोजगार युवक कथित ठगी का शिकार हो गए। आरोप है कि उन्हें होमगार्ड में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर आईपीएस अधिकारी का भाई होने का दावा करने वाले व्यक्ति से परिचय कराया गया और कुल 3.03 लाख रुपये ले लिए गए। बाद में एक लाख रुपये और मांगने तथा रकम नहीं मिलने पर नौकरी लगवाने से इनकार करने का आरोप है। पीड़ितों की शिकायत पर न्यूरिया पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईपीएस अधिकारी से पहचान बताकर दिलाया भरोसा
न्यूरिया थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव निवासी शेर सिंह और मरौरी गांव निवासी प्रेमशंकर नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात मरौरी निवासी अमन शर्मा से हुई। आरोप है कि अमन ने बरेली के क्योलड़िया क्षेत्र के कृष्णापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार से अपनी जान-पहचान बताई और दावा किया कि धर्मेंद्र का भाई आईपीएस अधिकारी है। इसी प्रभाव के जरिए दोनों युवकों की होमगार्ड में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया। शिकायत के मुताबिक, अमन ने दोनों युवकों की धर्मेंद्र से मुलाकात कराई। इसके बाद नौकरी के बदले डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। भरोसे में आकर दोनों युवकों ने अलग-अलग माध्यमों से रकम दे दी।
नकद और ऑनलाइन मिलाकर दिए 3.03 लाख रुपये
पीड़ित शेर सिंह के मुताबिक, उन्होंने एक लाख रुपये नकद और 50 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से दिए। वहीं, प्रेमशंकर ने 65 हजार रुपये नकद और तीन किश्तों में 88 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किए। इस तरह दोनों युवकों ने कुल 3.03 लाख रुपये दिए। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने उनके हाईस्कूल के अंकपत्र और आधार कार्ड भी अपने पास रख लिए।कुछ समय बाद आरोपियों ने एक लाख रुपये और मांगे। युवकों ने अतिरिक्त रकम देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर नौकरी लगवाने से इनकार कर दिया गया। रुपये और दस्तावेज वापस मांगने पर गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
पीड़ित युवकों की तहरीर पर न्यूरिया पुलिस ने अमन शर्मा और धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज और धमकी देने से संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, रुपये के लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
