पीलीभीत के मवैया गांव में निर्माणाधीन पुलिया का काम अधूरा, वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से बिजली के सीमेंटेड खंभों पर संतुलन बनाकर नाला पार कर रहे बच्चे; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पीलीभीत: जिले के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के मवैया गांव से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां निर्माणाधीन पुलिया का काम अधूरा पड़ा है और ग्रामीणों के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं बनाया गया है। ऐसे में सात फीट गहरी खाई पार करने के लिए बिजली के सीमेंटेड खंभों को अस्थाई पुल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी खतरनाक रास्ते से मासूम बच्चे डगमगाते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। खंभों पर संतुलन बनाकर खाई पार करते बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
85 लाख रुपये की लागत से बन रहा दो किलोमीटर का रास्ता
जानकारी के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग की ओर से मवैया से रामपुर अमृत गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबे रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 85 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण कार्य मई में शुरू हुआ था और इसे नौ महीने में पूरा किया जाना है। पुलिया निर्माण का ठेका रामनरेश को दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने नई पुलिया का निर्माण शुरू कराया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। पुलिया के पास करीब सात फीट गहरी खाई बनी हुई है। इसे पार करने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया, जिसके चलते लोगों को बिजली के सीमेंटेड खंभों का सहारा लेना पड़ रहा है।
तीन किलोमीटर दूर स्कूल जाने के लिए खतरनाक रास्ते से गुजरते बच्चे
मवैया गांव के बच्चों को करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित एलकेटी इंटरनेशनल स्कूल जाने के लिए इसी निर्माणाधीन पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ता बंद होने के कारण बच्चे सीमेंटेड खंभों पर संतुलन बनाते हुए खाई पार करते हैं। वायरल वीडियो में मासूम बच्चे डगमगाते हुए इन खंभों पर चलते दिखाई दे रहे हैं। यह रास्ता बच्चों के लिए बेहद जोखिम भरा है। जरा सी चूक होने पर कोई बच्चा नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है। ग्रामीणों को भी इसी अस्थाई रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों को हादसे का डर, निर्माण कार्य पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी पुलिया और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था नहीं होने से रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। यदि खंभों से बना अस्थाई रास्ता टूट गया या कोई बच्चा संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद निर्माण कार्य और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग अधूरी पुलिया का निर्माण कब पूरा कराता है और तब तक बच्चों व ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
