निर्वाचन आयोग के संज्ञान के बाद कार्रवाई, तत्कालीन ईआरओ मयंक गोस्वामी, हेमंत चौधरी और वीआरसी ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट; जांच में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने की बात आई सामने
पीलीभीत: सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दो एसडीएम और एक वीआरसी ऑपरेटर के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें तत्कालीन निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) मयंक गोस्वामी, हेमंत चौधरी और वीआरसी ऑपरेटर अनिल कुमार शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के संज्ञान लेने के बाद हुई इस कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गुरुवार देर शाम प्रेसवार्ता में दी। मामले में जांच के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
मतदाता सूची में 13,150 नाम गलत होने का लगाया गया था आरोप
लखनऊ में बुधवार को कांग्रेस की प्रेसवार्ता के दौरान सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। इस दौरान 13,150 मतदाताओं के नाम गलत होने का दावा किया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अमरिया के मौजूदा एसडीएम हेमंत चौधरी और पूर्व में तैनात रहे एसडीएम मयंक गोस्वामी को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। वहीं, वीआरसी ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। अब तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
13,779 आवेदन मिले, 10,470 स्वीकृत और 3,309 निरस्त
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि सहायक निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की ओर से दोनों एसडीएम और वीआरसी ऑपरेटर के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शिकायत मिलने के बाद कराई गई जांच में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। डीएम के अनुसार, 10 अप्रैल को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। इसके बाद संशोधन की प्रक्रिया जारी थी। 31 मई से 29 अगस्त के बीच ऑफलाइन प्रपत्र-8 के कुल 13,779 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 3,309 आवेदन निरस्त कर दिए गए। प्रशासन ने प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई है।
चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का होगा शुद्धिकरण
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सामने आई गड़बड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान नहीं हुई थी। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों से इस तरह की कोई शिकायत मिलने की जानकारी नहीं है।
