महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में रिश्तों की जिम्मेदारी, अच्छे विचारों और कौशल विकास पर की बात, 2,279 विद्यार्थियों को मिली डिग्री और डिप्लोमा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से रिश्तों में जिम्मेदारी निभाने और अपने फैसलों के प्रति गंभीर रहने की अपील की। गुरुवार को महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी से शादी का वादा किया है तो उसे निभाना भी जरूरी है। युवाओं को पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए, ताकि वे परिवार की जिम्मेदारियां उठा सकें। उन्होंने कम उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ देने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और युवाओं से अपने आचरण तथा फैसलों के परिणामों के प्रति जवाबदेह रहने का आह्वान किया।
रिश्तों में जिम्मेदारी निभाने और गलत गतिविधियों से दूर रहने की अपील
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गर्लफ्रेंड बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यदि किसी से शादी का वादा किया है तो उसे निभाना भी जरूरी है। उन्होंने कम उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ देने को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार, 13-14 साल की उम्र में किसी लड़की के सामने ऐसी स्थिति पैदा होना चिंताजनक है। राज्यपाल ने युवाओं से गलत गतिविधियों से दूर रहने और कहीं गलत काम होते दिखाई देने पर उसे रोकने का प्रयास करने की अपील की। उन्होंने अच्छे लोगों की संगत में रहने और सकारात्मक सोच अपनाने पर भी जोर दिया।
अच्छे विचारों को बढ़ावा देने और गरीब बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
आनंदीबेन पटेल ने समाज में अच्छे विचारों के महत्व को समझाने के लिए पानी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह पानी में लगातार गंदगी डालने से वह दूषित हो जाता है, उसी तरह समाज में नकारात्मक गतिविधियां बढ़ने से उसका वातावरण प्रभावित होता है। इसलिए अच्छे विचारों को बढ़ावा देना और गलत गतिविधियों को रोकना जरूरी है। राज्यपाल ने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्हें अच्छी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी मिलने चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग देश के विकास में करने की अपील की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल पर जोर, 2,279 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
राज्यपाल ने युवाओं को आंकड़ों के संग्रह और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल देश को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार हो सकता है। विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में कुल 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 20 शोधार्थियों को पीएचडी, 324 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1,612 विद्यार्थियों को स्नातक की डिग्री दी गई। इसके अलावा 323 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लघु प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रदर्शित की गईं।
