किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- 13 साल से मंडी और 12 साल से सहकारी समितियों के चुनाव नहीं हुए, चुने हुए प्रतिनिधियों को मिलना चाहिए संचालन का मौका
मध्य प्रदेश: किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने मध्य प्रदेश में सहकारिता, सहकारी बैंकों, कृषि उपज मंडियों और दुग्ध सहकारी समितियों के चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल्द चुनाव कराने की अपील की है। डॉ. सुनीलम ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण सहकारी संस्थाओं और मंडियों में नौकरशाही का प्रभाव बढ़ गया है तथा किसानों और ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
13 साल से मंडी और 12 साल से सहकारी समितियों के चुनाव नहीं होने का दावा
डॉ. सुनीलम ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 13 वर्षों से मंडी चुनाव और 12 वर्षों से सहकारी समितियों के चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनके मुताबिक, लंबे समय तक चुनाव नहीं होने से चुने हुए प्रतिनिधियों को सहकारिता, मंडी और दुग्ध संघों के संचालन में भागीदारी का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से इन संस्थाओं के लोकतांत्रिक संचालन के लिए चुनाव कराने की मांग की है।
मध्य प्रदेश में हजारों सहकारी संस्थाएं
किसान संघर्ष समिति के मुताबिक, मध्य प्रदेश में वर्तमान में 259 कृषि उपज मंडी समितियां और 298 उपमंडियां हैं। इसके अलावा 4,530 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां तथा 7,331 गांवों में दुग्ध सहकारी समितियां संचालित हैं। डॉ. सुनीलम का कहना है कि इन संस्थाओं से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण जुड़े हुए हैं। ऐसे में चुनाव नहीं होने का असर सीधे उनके प्रतिनिधित्व और निगरानी व्यवस्था पर पड़ता है।
चुनाव नहीं होने से भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप
डॉ. सुनीलम ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों, दुग्ध संघों और मंडियों में चुनाव नहीं होने के कारण नौकरशाही हावी है। उन्होंने दावा किया कि इसके चलते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों तथा ग्रामीणों से मनमानी वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सहकारिता, मंडी और दुग्ध संघों के चुनाव समय पर होते तो किसानों और ग्रामीणों को इन संस्थाओं की निगरानी में भागीदारी मिलती और कथित अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।
सरकार पर हार के डर से चुनाव नहीं कराने का आरोप
डॉ. सुनीलम ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव में हार के डर से सहकारिता, मंडी और दुग्ध संघों के चुनाव नहीं करा रही है। उन्होंने दावा किया कि नौकरशाही के माध्यम से इन संस्थाओं पर नियंत्रण बनाए रखा गया है। ये आरोप डॉ. सुनीलम और किसान संघर्ष समिति की ओर से लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इस प्रेसनोट में इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है।
विधानसभा में मुद्दा उठाने की अपील
डॉ. सुनीलम ने मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से इस मुद्दे को सदन में उठाने की अपील की है। उन्होंने राजनीतिक दलों से किसानों और ग्रामीणों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के साथ-साथ सड़क पर भी आंदोलन कर सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बनाने का आह्वान किया है।
