ब्रह्मपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पुलिस की वर्दी और फर्जी चौकी के सहारे लोगों से करते थे लाखों की उगाही
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी पुलिस चौकी चलाकर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाता था। आरोपी पुलिस की वर्दी और कानून का डर दिखाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे और समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूलते थे। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
शिकायत के बाद खुली फर्जी चौकी की पोल
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले के अनुसार, 29 जुलाई को नीरज नामक युवक ने शिकायत दी थी कि कुछ लोग खुद को पुलिसकर्मी बताकर उससे उगाही कर रहे हैं। जांच में पता चला कि जिस पुलिस चौकी का नाम लिया गया, उसका पुलिस रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व ही नहीं था।
कमरे को बना दिया था पुलिस चौकी
टीपी नगर क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक कमरे से चौकी प्रभारी की टेबल-कुर्सी, पुलिस की वर्दी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें समेत कई सामान बरामद किए। पूरे कमरे को असली पुलिस चौकी जैसा बनाया गया था।
AI से बनाते थे फर्जी न्यूड फोटो
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सोशल मीडिया पर युवती बनकर लोगों से दोस्ती करते थे। बाद में AI तकनीक की मदद से उनकी फर्जी न्यूड तस्वीरें तैयार कर वायरल करने की धमकी देते थे। इसके बाद पीड़ितों को फर्जी पुलिस चौकी बुलाकर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
प्रॉपर्टी कारोबार छोड़ अपनाया ब्लैकमेलिंग का रास्ता
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। आर्थिक नुकसान के बाद उन्होंने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग को कमाई का जरिया बना लिया। मुख्य आरोपी राहुल पाल सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के साथ फोटो और रील भी पोस्ट करता था, ताकि लोग उसे असली पुलिसकर्मी समझें।
बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और इस गिरोह के शिकार हुए अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
