बसपा प्रमुख ने नगीना सांसद पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायावती ने दावा किया कि नगीना लोकसभा सीट पर आजाद समाज पार्टी का कोई जनाधार नहीं था और भाजपा ने ईवीएम में धांधली कर चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जिताया। उन्होंने देश में चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की मांग भी दोहराई।
मायावती ने ईवीएम को लेकर उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि बसपा शुरू से ही ईवीएम के जरिए मतदान का विरोध करती रही है। उनके मुताबिक, जब इस मुद्दे पर सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।मायावती ने वीवीपैट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती नहीं होती है, इसलिए उनके मुताबिक मतदाताओं के बीच ईवीएम से डाले गए वोट को लेकर भरोसे का सवाल बना हुआ है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा हैं और वीवीपैट पर्ची मतदाता को लगभग सात सेकंड तक दिखाई देती है।
नगीना सीट पर चंद्रशेखर की जीत पर लगाया आरोप
मायावती ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद का नगीना में अपना जनाधार नहीं था और भाजपा ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें जिताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। मायावती ने दलित समाज से चंद्रशेखर आजाद के बहकावे में नहीं आने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों से जुड़े मामलों में युवाओं को धरना-प्रदर्शन के लिए आगे किया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो जाते हैं।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
मायावती ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर लोगों का भरोसा कायम रखने के लिए ईवीएम से चुनाव बंद कर बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था फिर शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर से जुड़े भ्रम और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अन्य सवालों को भी समय रहते स्पष्ट करने की मांग की। मायावती ने कहा कि चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष में नाराजगी है और ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद ने मायावती के आरोपों पर दिया जवाब
मायावती के बयान पर चंद्रशेखर आजाद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नगीना की जनता ने जिस भरोसे और समर्थन के साथ उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी साजिश से जोड़ना मतदाताओं की भावना को ठेस पहुंचाता है। चंद्रशेखर आजाद ने यह भी कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतपत्र से मतदान की मांग करते रहे हैं, लेकिन नगीना की जनता के जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ना उचित नहीं है।
चंद्रशेखर बोले- पार्टी का नाम भी सही लिखें
चंद्रशेखर आजाद ने अपने जवाब में कहा कि मायावती के प्रति उनका सम्मान पहले भी था और आगे भी रहेगा। उन्होंने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है। मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच ताजा बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। दोनों नेताओं के बयानों से ईवीएम, चुनाव प्रक्रिया और दलित राजनीति से जुड़े मुद्दों पर बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
