छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा, बैरिकेडिंग लांघकर विधानसभा की ओर बढ़े छात्र; देवेंद्रनाथ महतो भी आंदोलन में शामिल
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को बड़े प्रदर्शन में बदल गया। राज्य सरकार और छात्रों के बीच रविवार को हुई छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद बड़ी संख्या में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और कई स्थानों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
बैरिकेडिंग लांघकर विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा घेराव मार्च जारी रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी बीच एक छात्र पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गया और वहां नाचने लगा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
देवेंद्रनाथ महतो को कंधों पर लेकर आगे बढ़े छात्र
भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के विधानसभा मार्च में शामिल हुए। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत कमजोर बताई जा रही है और वह खुद चलने की स्थिति में नहीं थे। छात्रों ने उन्हें एंबुलेंस से बाहर निकालकर स्ट्रेचर समेत अपने कंधों पर उठा लिया और प्रदर्शन स्थल तक लेकर गए। इस दौरान छात्रों ने उन पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। देवेंद्रनाथ महतो ने तिरंगा लहराकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। छात्रों ने उनके समर्थन में नारे भी लगाए।
जयराम महतो ने सरकार पर साधा निशाना
रांची में प्रदर्शन के दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम कुमार महतो ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की परीक्षा रद्द करने की मांग को मान लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की कई मांगें मान ली हैं, जिसके लिए वह सरकार को धन्यवाद देते हैं, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग सबसे अहम है। जयराम महतो ने आरोप लगाया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सबसे ज्यादा अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने अभय तिवारी से जुड़े कथित दावे का उल्लेख करते हुए कहा कि गंभीर आरोपों को देखते हुए सरकार को परीक्षा रद्द करने की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने सीबीआई जांच की मांग की
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र लगातार अपना विरोध जारी रखे हुए हैं, लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी, जेएसएससी और जेएसएससी-सीजीएल से जुड़े मामलों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की।
भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास का किया घेराव
छात्रों के आंदोलन के बीच झारखंड भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी शामिल बताए गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक तरफ विधानसभा मार्च, दूसरी ओर मुख्यमंत्री आवास का घेराव
रांची में एक तरफ बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों स्थानों पर पुलिस की भारी तैनाती की गई। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं और उनकी मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जेपीएससी मामले में ईडी ने दर्ज की ईसीआईआर
जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, ईसीआईआर दर्ज होने के बाद मामले में जांच आगे बढ़ने की संभावना है। ईडी की जांच शुरू होने से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला और गंभीर हो गया है। वहीं छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
छठे दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा
छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन इसमें भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का रुख किया। फिलहाल रांची में छात्र आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
