बिलासपुर। प्रशासन की सलाह और नगरपालिका की चेतावनी के बाद मंदिर व मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी आपसी सहमति से अतिक्रमण हटाने को तैयार हो गए।मंगलवार को दोनों पक्षों की उपस्थिति में जेसीबी चली और अतिक्रमणों को हटाने का काम किया गया। इस दौरान एहतियात के लिए पुलिस की भी मौजूदगी रही। दोनों पक्षों की उपस्थिति में जेसीबी व पालिका की ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगाकर अतिक्रमण हटाए गया। मस्जिद का एक पक्का निर्माण ढहा दिया गया और मंदिर के मलबे को हटाया गया। दोनों धर्मस्थलों के बीच पालिका का 16.10 फुट का रास्ता निकाला गया है। ईओ डॉ. नितिन कुमार गंगवार ने बताया कि रास्ते व सार्वजनिक भूमि को इंटरलॉकिंग लगाकर सुरक्षित किया जाएगा।अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान एहतियात के तौर पर पुलिस की मौजूदगी रही। मस्जिद कमेटी के सदर मुमताज खां व सेकेट्री साजिद खां और मंदिर कमेटी के संरक्षक संतोष जौहरी व अध्यक्ष अशोक सक्सेना सहित दोनों पक्षों के गणमान्य उपस्थित रहे। नगर के मौहल्ला कायस्थान में कृष्णलीला मैदान के निकट जामा मस्जिद और मढ़ी मंदिर स्थित हैं। दोनों धर्मस्थलों के बीच में आने वाली सार्वजनिक भूमि को लेकर दशकों से विवाद होता रहा है और उसे समय-समय पर सुलटाया भी जाता रहा है।ज्ञात हो कि पिछले दिनों यह विवाद तब हुआ, जब सरकार की ‘धर्मस्थल वंदन योजना’ के तहत मंदिर में निर्माण शुरू हुआ और उसका मलबा इस सार्वजनिक जगह पर डाल दिया गया।दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की थी।
इसी क्रम में बीते सोमवार को उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने मौके का निरीक्षण करते हुए दोनों पक्षों से वार्ता की की और उन्हें आपसी सहमति से मामला सुलटाने की सलाह दी थी।वहीं,पालिका के अधिशासी अधिकारी ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी दी थी।इसके बाद दोनों पक्षों ने आपस में लिखित सहमति की और खुद अतिक्रमण हटाने पर राजी हो गए थे।
