कानपुर : कानपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक मां ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। यह घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के नजफगढ़ गांव की है, जहां तीन जिंदगियां एक साथ खत्म हो गईं और पीछे छोड़ गईं कई अनसुलझे सवाल। मंगलवार दोपहर गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दीं। कुछ ही देर में पता चला कि 35 वर्षीय चांदनी पासवान ने अपनी 8 साल की बेटी पायल और 5 साल की बेटी ब्यूटी के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया है। जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक तीनों की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि चांदनी पिछले करीब पांच वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। उसका विवाह लगभग 12 साल पहले मैनपुरी जिले के करहल क्षेत्र में हुआ था। हालांकि किन परिस्थितियों में वह मायके में रहने लगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। गांव के लोगों के अनुसार, चांदनी मेहनत-मजदूरी कर अपनी दोनों बेटियों का पालन-पोषण कर रही थी और किसी तरह जीवन यापन कर रही थी। घटना के समय घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। चांदनी के पिता रामपाल गुजरात में नौकरी करते हैं, जबकि उसकी मां शांति देवी खेतों में भूसा लेने गई थीं। इसी दौरान परिवार का एक किशोर घर पहुंचा, जहां उसने चांदनी को तड़पते हुए देखा। उसने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हर घर में सन्नाटा है और हर आंख नम नजर आ रही है। लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी रही होगी, जिसने एक मां को अपनी ही बेटियों के साथ इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव जैसी कोई स्थिति तो इसकी वजह नहीं बनी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं, जहां लोग इस तरह के कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। जरूरत है कि समय रहते ऐसे लोगों की मदद की जाए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
