गुरुग्राम : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन को लेकर एक बड़ी पहल सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली नमो भारत रेल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस परियोजना पर लगभग 11,819 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। तेजी से विकसित हो रहे इन शहरों के बीच सीधी और तेज यातायात व्यवस्था की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे दूर करने के उद्देश्य से इस कॉरिडोर की योजना बनाई गई है।
पहले हरियाणा सरकार की ओर से गुरुग्राम और फरीदाबाद को मेट्रो से जोड़ने की योजना पर विचार किया गया था, लेकिन बाद में सरकार ने हाई-स्पीड नमो भारत रेल को प्राथमिकता देने का फैसला लिया। इसके तहत एनसीआरटीसी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लिए डीपीआर तैयार की। हाल ही में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सीईओ पीसी मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस डीपीआर पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें परियोजना के विभिन्न अलाइनमेंट विकल्पों को सामने रखा गया।
गुरुग्राम क्षेत्र में कॉरिडोर के लिए दो प्रमुख विकल्प सुझाए गए थे। एक विकल्प इफ्को चौक से सेक्टर-56 की ओर जाने का था, जबकि दूसरा इफ्को चौक से सेक्टर-54 होते हुए आगे बढ़ने का। एनसीआरटीसी ने सेक्टर-54 वाले अलाइनमेंट को बेहतर माना है, क्योंकि इसे मल्टी-मॉडल इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस स्टेशन को गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के सेक्टर-54 चौक स्टेशन से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
हालांकि जीएमडीए की ओर से यह सुझाव दिया गया है कि इफ्को चौक और एआईटी चौक जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचते हुए खेड़कीदौला से साउदर्न पेरिफेरल रोड के साथ-साथ नमो भारत रेल कॉरिडोर विकसित किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि यह रूट मौजूदा रिहायशी इलाकों और भविष्य में विकसित होने वाले उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों को बेहतर सेवा दे सकेगा। साथ ही प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के साथ इसका बेहतर एकीकरण भी संभव होगा।
योजना के अनुसार सराय काले खां से गुरुग्राम और बावल की ओर जाने वाली नमो भारत रेल का एक स्टेशन खेड़कीदौला में बनाया जाएगा। इसके अलावा खेड़कीदौला और गुरुग्राम सेक्टर-54 के बीच एक अतिरिक्त स्टेशन बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। जीएमडीए का मानना है कि इस रूट पर जमीन से जुड़ी समस्याएं अपेक्षाकृत कम होंगी, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आ सकती है।
इस कॉरिडोर पर कुल छह स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें गुरुग्राम सेक्टर-54, बाटा चौक फरीदाबाद, फरीदाबाद सेक्टर-85/86, नोएडा सेक्टर-142/168 और सूरजपुर (ग्रेटर नोएडा) शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों को दिल्ली मेट्रो और संबंधित शहरों के मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को एकीकृत परिवहन सुविधा मिल सके। फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में एक-एक डिपो बनाने की भी योजना है।
यह हाई-स्पीड नमो भारत रेल कॉरिडोर न केवल गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करेगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता घटाकर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में भी सहायक साबित होगा। अधिकारियों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे पूरे एनसीआर क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
