बरेली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली पहुंचे, जहां पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री सीधे जीआईसी ऑडिटोरियम पहुंचे। यहां उन्होंने प्रख्यात कथावाचक और ‘राधेश्याम रामायण’ के रचयिता पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण किया।
पुलिस लाइन से सीधे जीआईसी पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर दोपहर 12:16 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरा। स्वागत के बाद उन्होंने मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संक्षिप्त मुलाकात की। इसके बाद उनका काफिला जीआईसी ऑडिटोरियम के लिए रवाना हो गया। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे रूट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण, ऑडिटोरियम को मिला नया नाम

जीआईसी ऑडिटोरियम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी परियोजना से निर्मित जीआईसी ऑडिटोरियम का नाम बदलकर ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ कर दिया गया। खड़ी बोली में रचित ‘राधेश्याम रामायण’ और अपनी विशिष्ट लोकनाट्य शैली के लिए प्रसिद्ध पंडित राधेश्याम की स्मृति को संजोने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ऑडिटोरियम परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित कराई है।
परिजनों से मुलाकात, फिर समीक्षा बैठकों में शामिल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम के परिवार के नौ सदस्यों से भी मुलाकात की। उनकी पौत्री शारदा भार्गव ने इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे, जहां वह लोक निर्माण विभाग के कार्यों की मंडलीय समीक्षा करेंगे। साथ ही विकास परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री का बरेली प्रवास करीब साढ़े तीन घंटे तक चलेगा, जिसके दौरान प्रशासनिक और विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
