दातागंज के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने चंद्रपाल, कुंवरपाल, रवित कुमार और पुष्पेंद्र को सुनाई उम्रकैद; चारों पर लगाया जुर्माना
बदायूं/बरेली: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र के चर्चित अर्चना हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत ने मामले में आरोपी जुड़वा भाइयों चंद्रपाल और कुंवरपाल समेत चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में मृतका के भाई रवित कुमार और पुष्पेंद्र भी शामिल हैं। अदालत ने रवित कुमार पर 26 हजार रुपये और चंद्रपाल, कुंवरपाल तथा पुष्पेंद्र पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। चाकू बरामदगी से जुड़े मामले में रवित पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया।
जुड़वा भाइयों की जिंदगी बनी चर्चा का कारण
मामले में दोषी ठहराए गए चंद्रपाल और कुंवरपाल जुड़वा भाई हैं। दोनों के चेहरे और कद-काठी एक जैसी बताई गई है। उनकी दिनचर्या भी लंबे समय तक एक जैसी रही। बताया गया कि दोनों साथ खाना-पीना और सोना पसंद करते थे। दोनों की एक ही पत्नी थी। अर्चना हत्याकांड में दोनों के दोषी पाए जाने के बाद उनकी निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। दोनों भाइयों की असाधारण जिंदगी पर तमिल भाषा में फिल्म बनने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा दोनों स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे।
प्रेम संबंध के बाद परिवार से बढ़ा विवाद
अर्चना पलिया गूजर गांव की रहने वाली थी और बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। बरेली निवासी देवेंद्र सिंह की ननिहाल इसी गांव में थी, जिसके कारण उसका गांव में आना-जाना था। इसी दौरान अर्चना और देवेंद्र के बीच प्रेम संबंध हो गए। परिवार की नाराजगी के बाद अर्चना देवेंद्र के साथ बरेली चली गई। दोनों ने आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया था।
थाने पहुंचने से पहले रोक ली गई थी गाड़ी
अभियोजन के अनुसार, 28 जुलाई 2021 को उच्च न्यायालय के निर्देश पर अर्चना का बयान दर्ज कराया जाना था। इसी सिलसिले में देवेंद्र अर्चना को लेकर दातागंज पहुंचा था। आरोप था कि थाने से पहले ही रवित कुमार, पुष्पेंद्र, चंद्रपाल और कुंवरपाल ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद अर्चना पर चाकू से हमला किया गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गंभीर रूप से घायल अर्चना को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
चारों के खिलाफ दाखिल हुआ था आरोप पत्र
अर्चना की मौत के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी की और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत में हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर चंद्रपाल, कुंवरपाल, रवित कुमार और पुष्पेंद्र को दोषी माना और चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पांच साल पुराने मामले में आया फैसला
28 जुलाई 2021 को हुई अर्चना की हत्या के करीब पांच साल बाद अदालत का यह फैसला आया है। उम्रकैद की सजा के साथ चारों दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के फैसले के साथ ही इस चर्चित मामले की सुनवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
