बहेड़ी की केसर चीनी मिल पर किसानों का करीब 162 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया, गन्ना समिति के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी जा रही रकम
बरेली : पिछले दो वर्षों से गन्ने के बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे बहेड़ी क्षेत्र के किसानों के लिए दिवाली से पहले राहत भरी खबर आई है। केसर इंटरप्राइजेज लिमिटेड चीनी मिल ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 11 करोड़ 33 लाख रुपये की धनराशि गन्ना विभाग के एस्क्रो खाते में जमा करा दी है। प्रशासन की सख्ती और लगातार दबाव के बाद मिल प्रबंधन की ओर से यह रकम जारी की गई है। अब गन्ना समिति के माध्यम से किसानों के खातों में भुगतान भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। इससे त्योहार से पहले किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल पर किसानों का करीब 162 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया बताया गया है। भुगतान नहीं होने से किसान लंबे समय से परेशान थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम बरेली ने 31 अक्टूबर को प्रशासनिक और गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मिल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एसडीएम बहेड़ी, एसडीएम नवाबगंज, तहसीलदार बहेड़ी और जिला गन्ना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने मिल प्रबंधन को दी थी सीलिंग और नीलामी की चेतावनी
डीएम के निर्देश पर प्रशासन ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा, एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, सीओ अरुण कुमार यादव और तहसीलदार वीरपाल सिंह राजस्व टीम तथा पुलिस बल के साथ चीनी मिल पहुंचे। अधिकारियों ने मिल के प्रशासनिक भवन में प्रबंधन से बातचीत कर बकाया भुगतान की स्थिति जानी। काफी देर तक चली वार्ता के बाद मिल के सीएमडी हर्ष आर. किलाचंद को वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत में शामिल किया गया। इस दौरान सीएमडी ने मिल चलाने में असमर्थता जताते हुए बताया था कि मिल की बिक्री को लेकर एक पार्टी से बातचीत चल रही है। उन्होंने पांच नवंबर तक निर्णय आने और सौदा नहीं होने की स्थिति में 10 नवंबर तक दूसरी पार्टी से बातचीत पूरी होने की संभावना जताई थी।प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि किसानों के भुगतान में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिल प्रबंधन को चेतावनी दी गई थी कि 10 नवंबर तक भुगतान की व्यवस्था नहीं हुई तो मिल के प्रशासनिक भवन और अधिकारियों-कर्मचारियों के आवासीय परिसरों को सील करने के साथ नीलामी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
18 से 20 करोड़ रुपये तत्काल जुटाने को कहा था प्रशासन ने
वार्ता के दौरान प्रशासन ने किसानों की आर्थिक परेशानियों और दिवाली के त्योहार को देखते हुए मिल प्रबंधन से तत्काल 18 से 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर भुगतान करने को कहा था। इस पर सीएमडी ने रकम जुटाने का आश्वासन दिया, लेकिन संपूर्ण बकाया भुगतान मिल की बिक्री के बाद ही कर पाने की बात कही थी। मिल प्रबंधन की ओर से 10 नवंबर तक भुगतान की व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन देने की बात भी सामने आई थी।
11.33 करोड़ रुपये एस्क्रो खाते में जमा, भुगतान की प्रक्रिया शुरू
प्रशासन की सख्ती के बाद मिल प्रबंधन ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 11 करोड़ 33 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर गन्ना विभाग के एस्क्रो खाते में जारी कर दी। अब गन्ना समिति के माध्यम से यह रकम किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। दीपावली से पहले इस रकम के जारी होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की
भुगतान की खबर मिलने के बाद किसानों ने जिला और तहसील प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई होती तो मिल प्रबंधन की ओर से भुगतान की पहल शायद नहीं होती। किसानों ने डीएम के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि प्रशासन की इसी तरह की सक्रियता बनी रही तो बाकी बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी। किसानों ने यह भी उम्मीद जताई कि मिल की बिक्री और बकाया भुगतान की समस्या का जल्द समाधान होगा, जिससे चीनी मिल का संचालन दोबारा शुरू होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। फिलहाल 11.33 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के लिए दिवाली से पहले बड़ी राहत लेकर आया
