लखनऊ में बसपा की अहम बैठक में मायावती का बड़ा फैसला, ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी; 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी की अहम बैठक में मायावती ने बड़ा फैसला लिया है। बसपा सुप्रीमो ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। हालांकि, ईशान आनंद को अभी राज्यों की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वह फिलहाल पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को समझेंगे और वरिष्ठ नेताओं राजाराम तथा रामजी गौतम से संगठन चलाने का अनुभव हासिल करेंगे।
मायावती के पैर छूकर लिया था आशीर्वाद
लखनऊ में बसपा की बैठक शुरू होने से पहले ईशान आनंद मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए थे। इसके बाद से ही उनके संगठन में नई भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी के भीतर उनकी औपचारिक भूमिका भी तय हो गई है।
राजाराम और रामजी गौतम से सीखेंगे संगठन का काम
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी तो दी गई है, लेकिन पार्टी ने उनके लिए वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन भी तय किया है। ईशान आनंद को वरिष्ठ नेता राजाराम और रामजी गौतम से पार्टी के कामकाज को समझने और संगठन चलाने की प्रक्रिया सीखने के लिए कहा गया है। इसका मतलब यह माना जा रहा है कि शुरुआती दौर में ईशान को संगठन में जिम्मेदारी तो मिलेगी, लेकिन बड़े फैसलों और राज्यों के कामकाज में वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन बना रहेगा।
आकाश आनंद की जगह ईशान को मिली जिम्मेदारी
ईशान आनंद बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे और आकाश आनंद के छोटे भाई हैं। आकाश आनंद को पार्टी से अलग किए जाने के बाद संगठन में ईशान की भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। आकाश आनंद को मायावती ने 2019 में बसपा का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया था। मई 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें इस पद से हटा दिया गया था, हालांकि जून 2024 में उनकी पार्टी में वापसी हुई। इसके बाद मई 2025 में आकाश आनंद को मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई थी। सितंबर 2026 में मायावती ने उन्हें फिर पद से हटाया और बाद में पार्टी से अलग कर दिया गया।
आनंद कुमार और रामजी गौतम को भी मिली थी जिम्मेदारी
आकाश आनंद को जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद मायावती ने उनके पिता आनंद कुमार और वरिष्ठ नेता रामजी गौतम को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी थी। अब ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक और बदलाव हुआ है। हालांकि, उनके साथ वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन बनाए रखा गया है।
2027 चुनाव से पहले बसपा का बड़ा संगठनात्मक बदलाव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा लगातार अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लखनऊ में हुई अहम बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति, संगठन और आगामी तैयारियों को लेकर मंथन किया गया। ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने को भी इसी संगठनात्मक कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। अब उनकी भूमिका कितनी प्रभावी होती है और पार्टी उन्हें आगे किस तरह की जिम्मेदारी देती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
