आईएमए हॉल में इस्लामिक स्कॉलर जमील सिद्दीकी और केजीएमयू के प्रो. डॉ. कौसर उस्मान ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र, शिक्षा और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
बरेली : शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से पैग़ाम-ए-इंसानियत द्वारा बरेली के आईएमए हॉल में 19वीं तालीमी कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षाविद् और समाजसेवी शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, करियर निर्माण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर जमील सिद्दीकी और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौसर उस्मान रहे। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने दोनों अतिथियों का बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। अपने संबोधन में जमील सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आधार शिक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा ही देश और समाज को नई दिशा दे सकते हैं।
बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। वहीं डॉ. कौसर उस्मान ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज सेवा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

कॉन्फ्रेंस का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा, जब विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सम्मानित विद्यार्थियों ने अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए अन्य छात्रों को निरंतर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।पैग़ाम-ए-इंसानियत फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।
हर वर्ष होती है तालीमी कांफ्रेस

इसी मिशन के तहत हर वर्ष तालीमी कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर छात्रों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जाता है। कार्यक्रम के दौरान महिला शिक्षा, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का प्रसार ही समाज में जागरूकता, समानता और विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम का संचालन पैग़ाम ए इंसानियत के अध्यक्ष इंजीनियर अहमद अजीज खान ने किया। अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 19वीं तालीमी कॉन्फ्रेंस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो समाज को अज्ञानता से ज्ञान, पिछड़ेपन से विकास और निराशा से सफलता की ओर ले जाती है।
