बरेली : दरगाह हजरत शाहदाना वली के सालाना उर्स के मौके पर दरगाह ताजुशरिया के सज्जादानाशीन और जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) की ओर से दरगाह शाहदाना वाली पर चादर पेश की गई और गुलपोशी की गई। जमात रजा-ए-मुस्तफा के प्रवक्ता समरान खान के मुताबिक, काज़ी-ए-हिंदुस्तान की ओर से भेजा गया प्रतिनिधिमंडल सैयद अजीमुद्दीन अजहरी के नेतृत्व में दरगाह शरीफ पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में उलमा और बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। दरगाह पहुंचने के दौरान नारा-ए-तकबीर और नारा-ए-रिसालत की सदाओं के बीच फूलों की टोकरियां लेकर अकीदतमंद दरगाह शरीफ पहुंचे।
चादर पेश कर की गुलपोशी
दरगाह पर पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल की ओर से चादर पेश की गई और गुलपोशी की गई। इसके बाद हाफिज रेहान रज़ा ने फातिहा पढ़ी। वहीं मौलाना शम्स रज़ा की ओर से मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और कौम की तरक्की के लिए खुसूसी दुआ की गई। दरगाह की ओर से प्रतिनिधिमंडल की दस्तारबंदी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, दरगाह शाहदाना वाली के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां और उनकी टीम की ओर से जमात रजा -ए-मुस्तफा के प्रतिनिधिमंडल की दस्तारबंदी की गई। इस दौरान मोईन खान, अब्दुल्लाह रज़ा खान,समरान खान, बानखाना ब्रांच के सदर शईबुद्दीन रज़वी, हाफिज तौसीफ, मुफ्ती शहजाद साहब, बिलाल रज़ा घोसी, अदनान हसन, मुकीम रज़ा घोसी, सैयद इकरार अली,वसीम रज़ा, असलम खान, समीर रज़ा, फैजान रज़ा और जुबैर नबी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
उर्स की दी मुबारकबाद
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां और राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने सरकार शाहदाना वाली के सालाना उर्स की मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि अल्लाह के वालियों की बारगाह में हाजिरी देना और उनके पैगाम को आम करना ही असल मकसद है।
अमन और भाईचारे का दिया पैगाम
उर्स के मौके पर हुई दुआ में देश में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही।
