मंडलायुक्त शम्भू कुमार ने बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के दिए निर्देश, बरेली में अब तक 39 मकान क्षतिग्रस्त और दो लोगों की मौत की सूचना,1 दिसंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना
बरेली : अतिवृष्टि के बीच बरेली मंडल में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। सोमवार को विकास भवन सभागार में मंडलायुक्त शम्भू कुमार की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें बारिश और बाढ़ की स्थिति के साथ विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सभी डीएम को बारिश से प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव कार्य समय से पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं जिला प्रशासन की ओर से जारी अपडेट के अनुसार बरेली जिले में अतिवृष्टि से अब तक 39 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना पोर्टल पर दर्ज की गई है। दो लोगों की मौत की भी सूचना दी गई है।प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
बारिश प्रभावित क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर

मंडलायुक्त ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि लगातार बारिश की स्थिति में प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और किसी भी नुकसान की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि बदायूं में उसहैत और चंदनपुर तटबंध पर काम चल रहा है, जबकि बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में फिलहाल कटान की स्थिति नहीं है। मंडलायुक्त ने गोवंश की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए गोवंश को खुले में न रखने और पर्याप्त शेड की व्यवस्था करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि उपलब्ध गोवंश की संख्या के मुकाबले शेड की संख्या कम है।
बरेली में दो लोगों की मौत, 39 मकान क्षतिग्रस्त
जिला प्रशासन के अनुसार अतिवृष्टि के दौरान बरेली में दो लोगों की मौत की सूचना है। मीरगंज क्षेत्र के गोरा लोकनाथपुर में खपरैल गिरने से फूला देवी की मौत हुई। वहीं नवाबगंज के मिर्जापुर जागीर में 26 सितंबर को इन्वर्टर ठीक करते समय करंट लगने से कृपाल सिंह घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए एसआरएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। प्रशासन के अनुसार दोनों मामलों की आवश्यक रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके अलावा तहसील स्तर से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के आधार पर जिले में अब तक 39 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दर्ज की गई है। राजस्व टीमें मौके पर जाकर नुकसान का सत्यापन कर रही हैं।
जलभराव वाले इलाकों में पंपसेट से पानी की निकासी
अतिवृष्टि के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है, वहां नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों द्वारा पानी की निकासी कराई जा रही है।प्रशासन के मुताबिक जरूरत वाले स्थानों पर पंपसेट के माध्यम से पानी निकालने की कार्रवाई की जा रही है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। मकान, फसल और अन्य क्षति का मौके पर आकलन कराया जा रहा है।
फसल क्षति का भी कराया जा रहा सर्वे
बारिश से किसानों की फसलों को हुई संभावित क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं। लेखपाल और संबंधित राजस्व कर्मचारी खेतों में जाकर फसल क्षति का सर्वे कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल क्षति पाए जाने पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
गौशालाओं की लगातार निगरानी
अतिवृष्टि के बीच गौशालाओं और निराश्रित गोवंश की सुरक्षा को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और उनकी टीम को गौशालाओं का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। बारिश के दौरान पशुहानि के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंडलीय बैठक में खाद, स्वास्थ्य और पंचायत योजनाओं की समीक्षा

मंडलीय समीक्षा बैठक में बारिश के अलावा पंचायत, समाज कल्याण, कृषि, स्वास्थ्य, सहकारिता और अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पंचायत विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मंडल में 336 वी.डी.पी. लंबित ग्राम हैं। मंडल में कुल 600 डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं। वहीं पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण का काम भी चल रहा है। कृषि विभाग की समीक्षा में फार्मर रजिस्ट्री और उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी ली गई। रासायनिक उर्वरक का लक्ष्य 27,660 बताया गया, जिसके सापेक्ष उपलब्धता 57,983, वितरण 17,919 और अवशेष 40,064 बताया गया। संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान गोल्डन कार्ड और जननी सुरक्षा योजना की प्रगति देखी गई। संचारी रोगों की समीक्षा में बरेली के मझगवां ब्लॉक के नौरा हसनपुर और बदायूं के जगत ब्लॉक में मलेरिया के अधिक मामले पाए जाने की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि डेंगू की 9,815 स्क्रीनिंग की गई हैं, जिनमें 37 मामले पॉजिटिव पाए गए। शाहजहांपुर में डेंगू स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अब जनगणना-2027 की तैयारियों पर फोकस
विकास भवन सभागार में निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी, उत्तर प्रदेश शीतल वर्मा की अध्यक्षता में जनगणना-2027 को लेकर मंडलीय समीक्षा बैठक भी हुई।बैठक में बताया गया कि जनगणना के पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचिकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना कराई जाएगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा और लगभग 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए 35 दिन निर्धारित किए गए हैं।
जनगणना में दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना उस स्थान पर की जाएगी, जहां वह निर्धारित अवधि में निवास कर रहा होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना के समय किसी नागरिक से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।संबंधित व्यक्ति से आवश्यक सूचनाएं पूछकर दर्ज की जाएंगी।पंचायत ग्राम के बजाय राजस्व ग्राम को गणना की मूल इकाई माना जाएगा। जेल, वृद्धाश्रम, छात्रावास, पुलिस लाइन और अन्य संस्थागत परिसरों की भी गणना कराई जाएगी। बेघर व्यक्तियों की गणना उनके रात्रि विश्राम स्थल पर की जाएगी।
24 अक्टूबर तक प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश
जनगणना कार्य से जुड़े एफटी प्रशिक्षण को 24 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण प्राप्त प्रगणक अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को जनगणना की प्रक्रिया और जरूरी जानकारियों के बारे में जागरूक करेंगे। बैठक में निर्देश दिया गया कि प्रशिक्षण के बाद प्रगणकों को नियुक्ति पत्र और क्षेत्र का आवंटन एक साथ किया जाए। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी कर्मचारी की ड्यूटी न काटने के निर्देश भी दिए गए। जनगणना के लिए प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम स्थापित करने और जिला जनगणना सेल को जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के नियंत्रण कक्ष के रूप में उपयोग करने की बात कही गई। किसी समस्या या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 का उपयोग किया जा सकेगा।
