बीते साल की कमियों से सबक, अब ‘मिशन टॉप-10’ पर फोकस
बरेली : स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर शहर में तैयारियां चरम पर हैं। नगर निगम इस बार देश के टॉप-10 शहरों में जगह बनाने के लक्ष्य के।साथ जमीनी स्तर पर काम तेज कर चुका है। पिछले सर्वे में तकनीकी खामियों और कमजोर सिटीजन फीडबैक के कारण रैंकिंग प्रभावित हुई थी, जिसे देखते हुए रणनीति में बड़े बदलाव किए गए हैं। 15 अप्रैल के बाद कभी भी केंद्रीय टीम के दौरे की संभावना है।
कचरा प्रबंधन और स्रोत पृथक्करण पर सबसे ज्यादा जोर
नगर निगम का फोकस इस बार कचरा प्रबंधन, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और सार्वजनिक।शौचालयों की साफ-सफाई पर है।अधिकारियों के अनुसार, सर्वे टीम इस बात की जांच करेगी कि घर-घर में कचरे का अलगाव हो रहा है या नहीं और डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक प्रबंधन कितना प्रभावी है।
संकरी गलियां और नाले अब भी चुनौती
पुराने शहर की संकरी गलियों में सफाई व्यवस्था और नालों की नियमित सफाई अभी भी चुनौती बनी हुई है। नगर निगम ने कचरा उठान को नियमित करने और ‘हॉटस्पॉट’ खत्म करने को प्राथमिकता में रखा है।
सिटीजन फीडबैक सुधारने को जागरूकता अभियान
इस बार नगर निगम सिटीजन फीडबैक को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। हर वार्ड में जागरूकता टीमें दीवारों पर स्वच्छता संदेश लोगों को खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील की। इसके साथ ही, आधुनिक कचरा वाहनों की संख्या बढ़ाई जा रही है और सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। नगर निगम सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाकर वहां गमले रखवा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता और स्वच्छता दोनों में सुधार हो सके।
पिछले साल की कमियां और इस बार के समाधान
डोर-टू-डोर कलेक्शन कर गीले-सूखे कचरे का सही अलगाव नहीं था। सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति, शिकायत निस्तारण में देरी। मगर, इस बार समाधान के साथ ही कलेक्शन वाहनों की संख्या बढ़ाई गई है। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र, शौचालयों का सुधार और नियमित मॉनिटरिंग कर शिकायतों का तेजी से निस्तारण
स्वच्छ सर्वेक्षण में बरेली की रैंकिंग (पिछले सालों का प्रदर्शन)
2019: 117
2020: 149
2021: 153
2022: 137
2023: 80
2024: 20
