बरेली: बुधवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने पूरे जिले में भारी तबाही मचा दी। दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को रात में मौसम से राहत तो मिली, लेकिन यह राहत कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गई। करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने सैकड़ों पेड़ों को धराशायी कर दिया, बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया और कई हादसों को जन्म दिया। शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की ओर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम ने अचानक करवट ली। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना भी जताई है। तेज आंधी और बारिश से बिजली के साथ-साथ पानी की सप्लाई ठप है।
उड़ते सोलर पैनल की चपेट में आया युवक, उपचार के दौरान मौत
आंधी के दौरान सबसे दर्दनाक घटना कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया इलाके में हुई। यहां केहरी सिंह (25 वर्ष)अपने घर के आंगन में सो रहा था। इसी दौरान पड़ोसी के मकान की छत पर लगा सोलर पैनल तेज हवाओं के कारण उड़कर उसके ऊपर गिर गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी घटना में एक किशोरी भी घायल हो गई, जिसके पैरों में फ्रैक्चर हुआ है और उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
संत मनी आश्रम में गिरा विशाल पीपल का पेड़, चार लोग घायल

आंधी-तूफान का असर कैंट क्षेत्र स्थित संत मनी आश्रम में भी देखने को मिला। आश्रम परिसर में मौजूद एक पुराना पीपल का विशाल वृक्ष अचानक गिर पड़ा और वहां बैठे चार लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक व्यक्ति के हाथ में फ्रैक्चर आया, जबकि दो अन्य लोगों के सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगीं। तीन घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं एक अन्य घायल को मामूली चोटें आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इस घटना के बाद आश्रम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त, 27 उपकेंद्र बंद होने से शहर में छाया अंधेरा

तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए शहर के सभी 27 बिजली उपकेंद्रों को एहतियातन बंद कर दिया गया। इसके चलते पूरे शहर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति पैदा हो गई। हजारों उपभोक्ताओं को रातभर बिजली और पानी की समस्या से जूझना पड़ा। कई इलाकों में सुबह तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लोगों के इन्वर्टर जवाब दे गए और गर्मी के बीच रात गुजारना मुश्किल हो गया। विभागीय टीमें पूरी रात बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयासों में जुटी रहीं।
125 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त, सीबीगंज इंडस्ट्रियल एरिया में बंद हुए रास्ते

आंधी की वजह से जिलेभर में करीब 125 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 200 से अधिक पेड़ और उनकी शाखाएं बिजली लाइनों पर गिर गईं। कई फीडरों पर फॉल्ट आने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। सबसे अधिक असर सीबीगंज इंडस्ट्रियल एरिया में देखने को मिला, जहां बिजली का कंडक्टर टूटकर पेड़ों और सड़क पर फैल गया। सुरक्षा कारणों से कई रास्तों की एंट्री बंद करनी पड़ी, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं पीलीभीत बाइपास, बदायूं रोड और नैनीताल हाईवे सहित कई स्थानों पर यूनिपोल और विज्ञापन बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हो गए।
आम किसानों को नुकसान, धान उत्पादकों को मिली राहत

आंधी और बारिश का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। पकने के लिए तैयार आम बड़ी संख्या में पेड़ों से टूटकर गिर गए, जिससे बाग मालिकों और किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि धान की खेती की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। खेतों में पर्याप्त पानी भरने से सिंचाई की जरूरत कम हुई है और किसान इसे धान की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग हालात को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं, जबकि मौसम विभाग ने लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
