बरेली : यूपी के बरेली देहात की आंवला तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कन्हरपुर शिवनगर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को शिकायती पत्र देकर बीएलओ पर प्रधान से मिलीभगत कर अंतिम मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सैकड़ों पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए, जबकि करीब 150 नए नाम बिना उचित सत्यापन के जोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मतदाता सूची में सुधार की मांग की है।
पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि पंचायत निर्वाचन नामावली-2026 की अंतिम मतदाता सूची तैयार करते समय गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। उनका कहना है कि गांव के लगभग 400 पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए, जबकि करीब 150 नए नाम जोड़े गए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह पूरा काम पंचायत चुनाव को प्रभावित करने की मंशा से किया गया।
हम स्थायी निवासी हैं, फिर भी नाम काट दिए गए
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और वे वर्षों से गांव के स्थायी निवासी एवं मतदाता हैं। इसके बावजूद अंतिम मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए। वहीं जिन लोगों के नाम जोड़े गए, उनका मौके पर सत्यापन भी नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र मतदाताओं की अनदेखी कर अपात्र लोगों को सूची में शामिल किया गया।
बीएलओ और प्रधान पति की मिलीभगत का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने बीएलओ पर प्रधान एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों से मिलीभगत कर मतदाता सूची में बदलाव करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पंचायत चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अंतिम मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन कर पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं तथा यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पंचायत चुनाव की आधारशिला है।
