बरेली : उत्तर रेलवे (एनआर) के बरेली-शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित पीताम्बरपुर स्टेशन के पास गुरुवार रात एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब आवारा पशुओं का झुंड अचानक रेल पटरी पर आ गया। मालगाड़ी ट्रेन इन पशुओं से टकराते-टकराते पलटने से बच गई, लेकिन एक पशु की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद जीआरपी और स्थानीय लोगों ने मिलकर ट्रैक को तुरंत क्लियर कराया। जिसके चलते ट्रेनों का संचालन बाधित (कुछ देर बंद) रहा। मगर, कुछ देर बाद मृत पशु को हटाकर रेल संचालन दोबारा चालू कराया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर ने मीडिया को बताया कि बरेली क्षेत्र में मीरानपुर कटरा, बिलपुर, टिसुआ, पीताम्बरपुर, सीबीगंज और कैंट इलाके में आवारा पशु बार-बार रेल ट्रैक पर पहुंच जाते हैं। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा निरंतर बना रहता है। इसी वजह से हाल ही में आरपीएफ के सहयोग से सर्वे भी किया गया, ताकि उन स्थानों को चिन्हित किया जा सके, जहां पशु अधिक आते-जाते हैं और रोकथाम के उपाय किए जा सकें।
अचानक पशुओं का झुंड
हादसा गुरुवार देर रात हुआ, जब गुड्स ट्रेन पीताम्बरपुर के पास पहुंची ही थी कि अचानक पशुओं का झुंड ट्रैक पर दौड़ पड़ा। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन एक पशु ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। बाकी पशु डर कर भाग निकले, जिससे उनकी जान बच गई। घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची। पुलिस और पशु प्रेमियों की मदद से मृत पशु को सम्मानपूर्वक जमीन में दफनाया गया। रेलवे ट्रैक से अवशेष हटाने के बाद ट्रेनों की आवाजाही सामान्य कर दी गई।
अक्सर ट्रेन के आगे आते हैं आवारा पशु
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन इलाकों में आवारा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और रात के समय ये झुंड में सड़कों से लेकर रेल पटरी तक पहुंच जाते हैं। रेलवे कर्मचारियों का भी मानना है कि यदि स्थिति पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसी दिन बड़ा रेल हादसा हो सकता है। क्योंकि, तेज रफ्तार ट्रेनों के सामने अचानक आने वाले पशुओं से जान-माल का भारी नुकसान संभव है। रेलवे विभाग ने एक बार फिर से जिले के प्रशासन और पशुपालन विभाग को पत्र भेजकर आवारा पशुओं के नियंत्रण की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने भी इलाकों में फेंसिंग और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है।
