बरेली : यूपी के बरेली में टीकाकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम (जिलाधिकारी) अविनाश सिंह ने अधिकारियों के साथ कड़े निर्देश जारी किए और स्पष्ट कहा कि “कुछ लोगों की लापरवाही से समाज को जोखिम में नहीं डालने दिया जाएगा। टीकाकरण से इनकार करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।”डीएम ने 11 आशाओं और एक संविदा कर्मी की सेवा समाप्ति को मंजूरी दे दी है।

गैर-टीकाकृत परिवारों पर कार्रवाई शुरू, बंद होगा राशन
बैठक में बताया गया कि वेब आधारित सूची में शामिल गैर -टीकाकृत परिवारों के नाम जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दिए गए हैं। इसके आधार पर कि ऐसे परिवारों का कोटेदार से राशन लाभ बंद किया जाएगा। सूची उप जिलाधिकारियों को भी भेजी जाएगी, ताकि कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो सके। डीएम ने कहा कि टीकाकरण सामाजिक सुरक्षा का मामला है और किसी भी कीमत पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।

बहेड़ी में ग्रामीण का अजीब दावा- “10,000 रुपये दूंगा तब टीका लगवाऊंगा”
समीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शेरगढ़ ब्लॉक के एक ग्रामीण ने टीकाकरण को लेकर कहा कि-“10 हजार रुपये देने पर ही टीकाकरण कराऊंगा। इस पर डीएम ने तुरंत सख्त रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि “एक व्यक्ति की वजह से पूरे समाज को खतरे में नहीं डाल सकते। उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।”
संस्थागत प्रसव में सुधार-DM ने सराहा, फिर भी बढ़ोतरी के निर्देश
जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है !डीएम ने इसे सकारात्मक बताया लेकिन सभी अधिकारियों को लक्ष्य और बढ़ाने के निर्देश दिए।
आशा भुगतान की समीक्षा-अक्टूबर का भुगतान 20 दिन में
बैठक में बताया गया कि सितंबर तक सभी आशाओं को भुगतान किया जा चुका है। अक्टूबर का भुगतान 15–20 दिन में जारी कर दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
12 आशाओं की सेवा समाप्त-DM ने मंजूरी दी
टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यों में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने पर जिला स्वास्थ्य समिति ने 12 आशाओं को सेवा से हटाने का निर्णय लिया, जिस पर जिलाधिकारी ने मोहर लगा दी। इसमें शहरी क्षेत्र की आशा वर्षा सक्सेना (जाटवपुरा), रानी (बहेड़ी),प्रभापाल (बहेड़ी), साधना शर्मा, चांदनी रस्तोगी, कल्पना (जसौली), आशा देवी (सिविल लाइन्स), डौली (घेर जाफर खां), तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र की मोना (गिरधारपुर), निरंजना (पदारथपुर), आशा रजनी (अहिलापुर) की सेवाएं समाप्त की गई हैं।
सपोर्ट स्टाफ पर भी कार्रवाई- वाउचर रद्दी में फेंकना साबित
NUHM के अन्तर्गत शहरी PHC गंगापुरम पर तैनात संविदा सपोर्ट स्टाफ ज्योति प्रकाश पर आशा भुगतान वाउचर को रद्दी में फेंकने का आरोप था। जांच कमेटी ने आरोप को सही पाया। इसके बाद सेवा समाप्ति के प्रस्ताव पर डीएम ने सहमति दे दी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारी -कर्मचारी को चेतावनी दी“किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दायित्व का सही निर्वहन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।”इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह और स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
