बरेली : शहर की प्रेमनगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को बड़ा खुलासा कर तीन बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों बहनें फर्जी पहचान के सहारे भारत में रह रही थीं, और भारतीय पासपोर्ट बनवाकर सालों तक विदेश यात्राएं करती रहीं। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मुनारा बी, मूल रूप से जिला जेस्सोर, खुलना (बांग्लादेश) की रहने वाली है। वह अवैध रूप से भारत में घुसने के बाद 2011 में पहला भारतीय पासपोर्ट बनवाया। इसके बाद 2012 में उसने अपनी बहन सायरा बानो के नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवाया, लेकिन उस पर फोटो खुद की लगाई।
खाड़ी देशों की यात्रा की
इस फर्जी पासपोर्ट के जरिए उसने बांग्लादेश, दुबई और खाड़ी देशों की कई यात्राएं कीं। पासपोर्ट की अवधि खत्म होने पर उसने कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से तीसरा पासपोर्ट भी बनवा लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मुनारा की दोनों बहनें सायरा बानो और तसलीमा (निवासी हाफिजगंज, बरेली) भी इसी तरह फर्जी पहचान बनाकर भारत में रह रही थीं, और मुनारा की मदद कर रही थीं।
चौकी प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा
बानखाना चौकी प्रभारी वीरेश भारद्वाज की तहरीर पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को शक है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। एजेंसियां अब उनके संपर्कों और मददगारों की तलाश कर रही हैं।
