रुहेलखंड केनेल क्लब की ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप में देशभर से पहुंचे विभिन्न नस्लों के श्वान
बरेली : शहर के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में रविवार को श्वान प्रेमियों के लिए खास आयोजन हुआ। यहां रुहेलखंड केनेल क्लब की ओर से ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप डॉग शो आयोजित किया गया। इसमें देशभर से विभिन्न नस्लों के श्वानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में भारतीय नस्लों के साथ विदेशी नस्लों के श्वान भी आकर्षण का केंद्र रहे। किसी की शानदार चाल ने दर्शकों का ध्यान खींचा तो कोई अपनी कद-काठी, शारीरिक बनावट और विशिष्ट नस्लीय विशेषताओं के कारण चर्चा में रहा। कार्यक्रम की खास बात मलेशिया और जापान से आए अंतरराष्ट्रीय निर्णायकों की मौजूदगी रही। निर्णायकों ने निर्धारित नस्लीय मानकों के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल श्वानों का मूल्यांकन किया। इस आयोजन के जरिए श्वान प्रेमियों को अलग-अलग नस्लों की विशेषताओं को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।
मलेशिया और जापान के निर्णायकों ने किया मूल्यांकन

डॉग शो में श्वानों की नस्ल, शारीरिक संरचना और प्रस्तुति का आकलन करने के लिए मलेशिया से वेंग वोह चान और जापान से सेइशिरो इकुता निर्णायक के रूप में पहुंचे। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल श्वानों को निर्धारित नस्लीय मानकों के अनुरूप परखा। रिंग में अपने हैंडलर के साथ पहुंचे श्वानों की चाल, शारीरिक बनावट और प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया गया। निर्णायकों ने नस्ल के निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी विशेषताओं का आकलन किया। प्रतियोगिता में मूल्यांकन की यह प्रक्रिया आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
भारतीय और विदेशी नस्लों के कुत्तों ने खींचा ध्यान

प्रतियोगिता में विभिन्न नस्लों के श्वानों की भागीदारी देखने को मिली। उनकी शारीरिक बनावट, चाल-ढाल और नस्ल से जुड़ी विशेषताओं को देखने के लिए श्वान प्रेमियों में उत्साह रहा। भारतीय और विदेशी नस्लों की मौजूदगी ने आयोजन को विविधता प्रदान की। डॉग शो में श्वानों के साथ पहुंचे हैंडलरों ने उन्हें निर्धारित रिंग में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान नस्लीय विशेषताओं और शारीरिक संरचना के अनुरूप प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शामिल नस्लों की पूरी सूची और विजेताओं के नाम नहीं दिए गए हैं।
प्रशिक्षण और देखभाल के प्रति जागरूकता पर जोर
ऐसे डॉग शो का उद्देश्य विभिन्न नस्लों के श्वानों को प्रतियोगिता का मंच उपलब्ध कराने के साथ उनके पालन-पोषण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। श्वान प्रेमियों को इस तरह के आयोजनों में अलग-अलग नस्लों की विशेषताओं को समझने का अवसर मिलता है। श्वानों की उचित देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच और उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उनके बेहतर स्वास्थ्य और व्यवहार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतियोगिताओं में नस्लीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन के माध्यम से श्वान प्रजनन और देखभाल से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान आकर्षित होता है।
रुहेलखंड केनेल क्लब के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में रुहेलखंड केनेल क्लब के अध्यक्ष दिलीप कुमार टंडन, सचिव सेवानिवृत्त कर्नल गुरदीप सिंह, कोषाध्यक्ष पवन भसीन, उपाध्यक्ष अमित यादव और संयुक्त सचिव डॉ. डीके सक्सेना सहित अन्य लोग मौजूद रहे। देश के विभिन्न हिस्सों से श्वानों की भागीदारी और मलेशिया व जापान से आए निर्णायकों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को विशेष बनाया।
