बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में डिलीवरी ब्वॉय संजय सक्सेना हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर के सुभाषनगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के सिलसिले में पुलिस ने रविवार रात चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजेश गुर्जर को रामगंगा नदी के किनारे पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पुलिस ने कृष्णा गोस्वामी, राहुल तेली और धीरज गुर्जर को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले चार अन्य आरोपियों को पकड़ा जा चुका था। इस तरह मामले में अब तक कुल आठ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और पहले हुई मारपीट का बदला लेने की बात सामने आई है। आरोप है कि शुक्रवार रात संजय को रास्ते में घेरकर लाठी -डंडों और लोहे के हत्थे से हमला किया गया था। गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मौत हो गई थी।पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका, वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
रामगंगा किनारे मुठभेड़, पैर में गोली लगने से राजेश गुर्जर घायल
सीओ नितिन कुमार के अनुसार, रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि संजय सक्सेना हत्याकांड में वांछित राजेश गुर्जर रामगंगा नदी के किनारे मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपी भागने लगा और उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में राजेश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे।गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले में आर्म्स एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की गई है। पुलिस मुठभेड़ के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार, दो दिन में आठ तक पहुंची संख्या
पुलिस ने इस हत्याकांड में वांछित कृष्णा गोस्वामी,राहुल तेली और धीरज गुर्जर को भी गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक,रविवार रात सुभाषनगर क्षेत्र में अंधी पुलिया के पास से तीनों को पकड़ा गया। ये शांतिविहार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। इससे पहले पुलिस विकास श्रीवास्तव, उसके भाई आकाश, रंजीत गुर्जर और अभिषेक सैनी को गिरफ्तार कर चुकी थी। रविवार रात चार और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुल संख्या आठ हो गई है।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना में प्रत्येक की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
पुरानी मारपीट का बदला लेने को हत्या की आशंका
सीओ नितिन कुमार के मुताबिक, पूछताछ में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, संजय की पहले विकास श्रीवास्तव और आशीष गुर्जर के साथ मारपीट हुई थी। इसी बात को लेकर कुछ आरोपी उससे नाराज थे। आरोप है कि इसी विवाद के चलते शुक्रवार रात संजय को निशाना बनाया गया।पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, संजय को अकेले लौटता देखकर आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों तथा लोहे के हत्थे से हमला कर दिया। हमले में संजय को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। हालांकि, घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और हमले की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
दशहरे पर बहन के घर आया था संजय, मेला देखकर लौटते समय हमला
संजय सक्सेना नोएडा में फूड सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करता था। दशहरे के अवसर पर वह अपनी बहन के घर बरेली आया हुआ था। शुक्रवार रात वह अपने साथी मोनू सैनी के साथ मेला देखकर लौट रहा था। बताया गया है कि सुभाषनगर थाना क्षेत्र में हौली चौक के पास आरोपियों ने दोनों को घेर लिया।आरोप है कि हमलावरों ने संजय पर लाठी-डंडों और लोहे के हत्थे से ताबड़तोड़ वार किए। हमले के दौरान मोनू सैनी मौके से भाग निकला, जबकि संजय गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। बाद में उसकी मौत हो गई।वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद अन्य संदिग्धों की धरपकड़ तेज कर दी।
आठ गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही घटना की पूरी कड़ी
संजय सक्सेना हत्याकांड में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले की योजना कैसे बनी, वारदात में किसकी क्या भूमिका रही और इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए। पुलिस का कहना है कि मामले में पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुरानी रंजिश को हत्या की वजह बताए जाने के बीच जांच का मुख्य बिंदु यह है कि विवाद किस स्तर तक बढ़ा और वारदात में कौन-कौन सीधे तौर पर शामिल था।
