बीडीए की छापेमारी से मचा हड़कंप, शहर में केवल 7 कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी, सुरक्षा मानकों की होगी व्यापक जांच
बरेली : यूपी की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क हो गया है। शासन के निर्देश पर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और जिला प्रशासन ने शहर में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। कार्रवाई के पहले चरण में सेटेलाइट बस अड्डा क्षेत्र स्थित दो होटलों को सील कर दिया गया, जबकि दूसरी ओर शहर के सैकड़ों कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना एनओसी चल रहे दो होटल सील

मंगलवार को बीडीए की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ सेटेलाइट बस अड्डा क्षेत्र में स्थित रजानी होटल और सेटेलाइट होटल एंड रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की। जांच में दोनों प्रतिष्ठानों में आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अग्नि सुरक्षा संबंधी मानकों की कमी पाई गई। इसके बाद बीडीए ने दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

लखनऊ की घटना के बाद शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की स्थिति भी चिंता का विषय बनकर सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बरेली में 500 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जबकि इनमें से केवल 168 संस्थान ही पंजीकृत हैं। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इन पंजीकृत संस्थानों में भी सिर्फ 7 के पास फायर विभाग की एनओसी उपलब्ध है। इस स्थिति ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई संस्थान रिहायशी मकानों, बेसमेंट और संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं, जहां आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का अभाव पाया गया।
पड़ताल में सामने आईं गंभीर कमियां

जांच के दौरान कई ऐसे कोचिंग संस्थान सामने आए जहां सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी हो रही है। जनकपुरी क्षेत्र में एक आवासीय भवन के भीतर संचालित कोचिंग में अग्निशमन यंत्र तक मौजूद नहीं मिला। बांके बिहारी मंदिर के निकट संकरी गली में स्थित एक कोचिंग सेंटर प्रथम तल पर संचालित पाया गया, जबकि नीचे परिवार निवास कर रहा है आवास विकास कॉलोनी स्थित एक प्रतिष्ठित संस्थान में आपातकालीन निकास द्वार कबाड़ से बंद मिला। झूलेलाल द्वार रोड क्षेत्र के एक संस्थान में लाइब्रेरी और कक्षाएं संचालित होने के बावजूद इमरजेंसी एग्जिट की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
बीडीए उपाध्यक्ष ने किया औचक निरीक्षण
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने मंगलवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक परिसरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभागों में समन्वय की कमी भी आई सामने
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने कहा कि फायर विभाग को कई बार यह जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई जाती कि जिले में कितने कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। विभागों के बीच समन्वय की कमी का लाभ उठाकर कई संस्थान बिना आवश्यक अनुमतियों के संचालित हो रहे हैं।वहीं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि दो जुलाई से सभी पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
लखनऊ की घटना के बाद बरेली प्रशासन अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। होटल, कोचिंग सेंटर, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
